मुख्य सचिव ने किया बस टर्मिनल, मायावती आश्रम, कोलीढेक झील और एबट माउण्ट का निरीक्षण
चंपावत। मुख्य सचिव आनन्द वर्धन ने ने चम्पावत जनपद में विभिन्न स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर विकास, पर्यटन गतिविधियों को गति देने हेतु विस्तृत समीक्षा की।सबसे पहले मुख्य सचिव ने बस टर्मिनल चम्पावत का निरीक्षण किया। निर्माणदायी संस्था सीएनडीएस के अधिशासी अभियंता श्री गिरीश पंत ने प्रस्तावित बस टर्मिनल की समग्र जानकारी प्रस्तुत की। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि टर्मिनल के भीतर वाहनों की सुव्यवस्थित आंतरिक आवाजाही ;इनसाइड सर्कुलेशनद्ध सुनिश्चित की जाए तथा यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।इसके बाद मुख्य सचिव ने मायावती आश्रम का भ्रमण किया, जहाँ स्वामी दिव्य कृपानंद जी ने उन्हें आश्रम के विभिन्न स्थलों का अवलोकन कराया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएँ।मुख्य सचिव ने कोलीढेक झील का निरीक्षण कर इसे आध्यात्मिक क्षेत्र ;स्पिरिचुअल जोनद्ध तथा योग व वेलनेस हब के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य विभाग को महाशीर मछली संरक्षण हेतु भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।इसके उपरांत उन्होंने एबट माउण्ट का निरीक्षण किया और इसे पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत संभावनाशील क्षेत्र बताया। उन्होंने एबट माउण्ट से दिखाई देने वाली हिमालय की भव्य श्रृंखलाओं का अवलोकन किया तथा ऐतिहासिक चर्च व पूरे क्षेत्र की सम्पूर्ण जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त श्री दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे। मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन आनन्द वर्धन ने जिला सभागार चम्पावत में जिले की सभी प्रमुख विकास योजनाओं, जनपदीय नवाचारों, मुख्यमंत्री घोषणाओं, केंद्र-राज्य व्यय तथा जनपदीय श्रेष्ठ प्रथाओं की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने विभागवार कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने गोल्ज्यू कॉरिडोर, कृषि महाविद्यालय, पैरामेडिकल कॉलेज, छमनिया स्पोर्ट्स महाविद्यालय, यू0यू0एस0डी0ए0 पेयजल योजना, एनएच स्वाला सुधार योजना व अन्य पर चर्चा की। इन सभी योजनाओं का संपूर्ण विवरण जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। बैठक से पूर्व मुख्य सचिव ने कलेक्ट्रेट परिसर में लगे विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया, जिनमें एनआरएलएम, उत्तराखण्ड चाय विकास बोर्ड, डेयरी, कृषि, मत्स्य, रेशम, बागवानी, उद्योग, अक्षय ऊर्जा एवं अन्य विभाग शामिल थे। उन्होंने स्टॉलों पर प्रदर्शित नवाचार, उत्पादों और विभागीय उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की तथा विभागों को इन नवाचारों को और अधिक विस्तार एवं प्रोत्साहन देने के निर्देश भी दिए। इसके उपरांत मुख्य सचिव ने फ्एक पेड़ माँ के नामय् अभियान के तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। जिला सभागार में उन्होंने फ्आदर्श चम्पावतय् का लोगो अनावरण भी किया। बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिले में चल रहे प्रमुख नवाचारों-ज्ञान केंद्र लाइब्रेरी, ज्ञान सेतु पुल, कम्प्यूटर ऑन व्हील, पिरुल ब्रिकेटिंग यूनिट आदि की विस्तृत जानकारी दी।मुख्य सचिव ने पंचेश्वर में एंग्लिंग पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष वार्षिक एंगलर्स मीट आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चम्पावत-लोहाघाट मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएँ- विशेषकर रेलवे विस्तारकृमास्टर प्लान में सम्मिलित की जाएं। उन्होंने अंडरग्राउंड विद्युतिकरण कार्यों की समीक्षा कर मेंटेनेंस हेतु एक सुव्यवस्थित दीर्घकालिक योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूंजीगत व्यय बढ़ाया जाए, कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, वर्क प्लान के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य किए जाएं, पब्लिक ग्रीवांस व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए चम्पावत को एक आदर्श, योजनाबद्ध एवं तेज गति से विकसित होने वाले जनपद के रूप में स्थापित करे। इस दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।


