रजाई- कंबल मंगवाकर रात भर विधानसभा भवन के अंदर धरने पर डटे रहे विपक्षी विधायक : 25 साल के इतिहास में अभूतपूर्व घटना दर्ज
भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के 25 साल के इतिहास में मंगलवार को एक अभूतपूर्व घटना दर्ज हुई। कांग्रेस के विपक्षी विधायक सदन से बाहर न निकलते हुए पूरी रात विधानसभा भवन के अंदर ही धरने पर डटे रहे। मामला नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के साथ हुई धक्का-मुक्की और कानून-व्यवस्था को लेकर उठा। विपक्ष सरकार से नैनीताल की डीएम का ट्रांसफर, एसएसपी का निलंबन और फर्जी मुकदमों की वापसी जैसी मांगों पर अड़ा रहा। सत्र की शुरुआत से ही हंगामे के हालात बन गए थे। माइक उखाड़ने और टेबल पलटने तक स्थिति पहुंच गई। कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः शाम 4ः15 बजे सदन अगले दिन तक स्थगित हुआ। सत्ता पक्ष के विधायक तो बाहर चले गए लेकिन कांग्रेस विधायक सदन के अंदर धरने पर बैठ गए। करीब 40 मिनट चली सरकार-विपक्ष की वार्ता विफल रही। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल व बेतालघाट की घटनाओं की मजिस्ट्रेट जांच कमिश्नर दीपक रावत को सौंपते हुए 15 दिन में रिपोर्ट मांगी और सीबीसीआईडी जांच की घोषणा भी की। साथ ही कुछ अधिकारियों के तबादले भी किए। बावजूद इसके कांग्रेस विधायक अपनी मांगों पर अड़े रहे। इतिहास में पहली बार विपक्षी विधायक विधानसभा सदन में रजाई- कंबल मंगवाकर रातभर डटे रहे। इस दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उन्होंने अपने धरने को राज्य आंदोलन जैसी ऐतिहासिक लड़ाई से जोड़ा।




