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‘माननीयों’ की शिकायतों को भाव नहीं दे रहे उत्तराखंड के ‘नौकरशाह’

खास को भी आम की तरह ट्रीट कर रहे अफसर, वीआईपी स्तर से प्राप्त शिकायतों को सीएम हेल्पलाइन की तरह रेगुलर बेस पर बढ़ाया जा रहा है आगे
रुद्रपुर । उत्तराखंड के नौकरशाह अपनी कार्यशैली के चलते समय- समय पर सुिखर्यां बटोरते ही रहते हैं। इन दिनों सूबे की नौकरशाही उत्तराखंड के खासजन को आमजन की तरह ट्रीट करने को लेकर खासजन का कोप भाजन बनी हुई है। माननीयों की नौकरशाहों के प्रति नाराजगी इस बात को लेकर है कि उत्तराखंड शासन में उनके द्वारा की जा रही शिकायतों को भी हल्के में लिया जा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसके लिए बाकायदा मुख्यमंत्री संदर्भ प्रकोष्ठ पोर्टल विकसित किया है। बावजूद इसके वीआईपी स्तर से हो रही शिकायतों को सीएम हेल्पलाइन 1905 की तरह रेगुलर बेस पर आगे बढ़ाया जा रहा है। खास बात तो यह है कि श्माननीयोंश् ने अब इस पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई है और माननीयों नाराजगी सामने आने के बाद अधिकारियों को अलग से दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बताना होगा कि आम लोगों की शिकायत के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री स्तर पर सीएम हेल्पलाइन 1905 को शुरू किया गया है। जिसमें शिकायतों के निस्तारण के लिए अलग-अलग चरण बनाए गए हैं। ऐसी शिकायतों को निस्तारित करने के लिए शिकायत छोटे अधिकारियों से होते हुए बड़े अधिकारियों तक पहुंचाई जाती है, जिसमें शिकायत निस्तारण में कुछ समय लगता है। इसी को देखते हुए श्माननीयोंश् के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में एक अलग शिकायत पोर्टल तैयार किया गया है। ताकि इन शिकायतों का निस्तारण तेजी से हो सके।मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित इस पोर्टल को मुख्यमंत्री संदर्भ प्रकोष्ठ पोर्टल का नाम दिया गया है। जिसमें श्माननीयोंश् द्वारा की जाने वाली शिकायतों को रिकॉर्ड में रखा जाता है। इसमें तमाम विधायक, लोकसभा और राज्यसभा सांसद स्तर पर मुख्यमंत्री को जन समस्याओं और विकास संबंधी प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई के लिए ऑनलाइन अवगत कराया जाता है। हैरानी की बात यह है कि अधिकारी श्माननीयोंश् के स्तर पर की जा रही शिकायत या सूचनाओं को भी सामान्य व्यवहार में ले रहे हैं और उसे सीएम हेल्पलाइन 1905 की तरह ही आगे बढ़ाया जा रहा है। यह मामला तब सामने आया , जब कुछ श्महानुभावोंश् ने इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। इसके बाद शासन स्तर पर इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि सीएम हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री संदर्भ प्रकोष्ठ पोर्टल एक जैसे नहीं हैं। इसलिए श्महानुभावोंश् द्वारा की जाने वाली शिकायतों को निचले स्तर पर भेज कर इति श्री ना की जाए।प्रमुख सचिव आर के सुधांशु द्वारा जारी निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन शिकायतों और सूचनाओं के निस्तारण के लिए शासन स्तर पर ही परीक्षण करने के बाद निस्तारित किया जाए। साथ ही अपर सचिव के स्तर पर संबंधित पोर्टल पर इसकी जानकारी भी अपलोड की जाए। प्रमुख सचिव आर के सुधांशु ने इस संदर्भ में आदेश जारी कर दिया है और इन आदेशों का कड़ाई के साथ पालन करने के भी निर्देश दिए हैं।

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