February 14, 2026

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पूर्व सीएम हरीश रावत ने बोला हमला: धन्य है सतपाल महाराज,केदारनाथ त्रासदी का सारा ठीकरा मेरे छोटे से सिर पर फोड़ दिया

देहरादून( दर्पण ब्यूरो)। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के बीच इन दिनों आरोपों-प्रत्यारोपों का लंबा दौर जारी है।वहीं अब पूर्व सीएम हरदा ने अपने पुराने साथी व मौजूदा धुर विरोधी भाजपा के दिग्गज नेता सतपाल महाराज को सियासी निशाने पर लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, काबीना मंत्री सतपाल महाराज के बयानों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उक्त नेताओं को चुनौती दी कि हरिद्वार में एस्केप चैनल पर पिछली सरकार के फैसले पर जांच बैठाएं और बिल्डर्स के नाम सार्वजनिक करें। सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में हरीश रावत ने उक्त दोनों नेताद्वय को निशाने पर लेते हुए कहा कि भगत व भगत बनाने वाले दोनों सख्त गुस्से में हैं। ये गुस्सा रायते से है या मां गंगा जी के संदर्भ में लिखे पत्र से, स्थिति साफ नहीं है। हरीश रावत ने उन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत द्वारा कालनेमि बताए जाने पर कहा कि, कालनेमि तो बहुत बाद में आएगा, पहले 2022 में होने वाले वनवास का दृश्य तो लाइए। उन्होंने याद दिलाया कि हरिद्वार में एक अवैध निर्माण को लेकर दो मंत्री भिड़ गए थे, तब इसी एस्केप चैनल वाले आदेश ने अवैध निर्माण टूटने से बचाया था। आपने दो काम याद दिला दिये है,मोदी सरकार ने उत्तराखंड के विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया और औद्योगिक पैकेज को बंद कर दिया।अब इन दो मांगों को लकर एक उनवास जरूर बनता हैं। भगत जी विपक्ष का धर्म यही बनता है अब आपके संकेत को आगे बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज का गुस्सा पूरी तरह स्वाभाविक है। जब-जब वह त्रिवेंद्र सरकार पूरे पांच साल कहते हैं तो सत्ता के अंगूर उनसे उतने ही दूर व खट्टे हो जाते हैं। उन्होंने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री रहते हुए केदारनाथ त्रासदी को लेकर की गई टिप्पणी पर भी सतपाल महाराज को निशाने पर लिया।  वहीं सतपाल महाराज पर भी हरदा ने तीखाहमला बोलते हुए लिखा है कि रामपुर तिराहा कांड का एक अभियुक्त किस पार्टी और नेता का का दुलारा है,सतपाल महाराज अपने प्रवचनों की तर्ज पर बयानों में ईरान तुरान की बाते जोड़कर परोस देते हैं अन्यथा उन्हें अच्छी तरह मालूम है कि रामपुर तिराहा कांड में एक अभियुक्त किस पार्टी का दुलारा है।यदि सचमुच सतपाल महाराज है तो सत्य को स्वीकार करेंगे और उसका नाम लोगों के सामने लायेंगे। सतपाल महाराज को मेरे लोगों के साथ आम ,पान,भुटटे खाना लोगों के गले मिलना इतना बुरा लगा कि मेरी सारी हारो का ठीकरा इन आदतों पर फोड़ दिया। सतपाल जी जीतू या हारूं मेरी आदते मेरे साथ जायेंगी। हां अगर कही ंलोगों को पता लग गया कि आप लोगों के साथ हाथ क्यों नहीं मिलाते है,खाना क्यों नहीं खाते हैं उन जैसा नाम श्री सतपाल रावत क्यों नहीं लिखते है तो यह थोड़ा गड़बड़ा जायेगा। धन्य है सतपाल महाराज 2013 का चैराबाड़ी गलेशियर फटने और श्री केदारनाथ त्रासदी का सारा ठीकरा मेरे छोटे से सिर पर फोड़ने दिया।

 

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