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दाल से कोटाधारक, उपभोत्तफा कर रहे परहेज : पूर्ति विभाग पर महंगी दाल थोपने का आरोप

सितारगंज। गरीब राशन कार्डधारक उड़द, अरहर की महंगी दाले सस्ते गल्ले की दुकानों से नहीं खरीद रहे हैं। इस वजह से कोटाधारकों ने भी दाल उठाने से परहेज कर दिया है। कोटाधारकों ने विभाग पर जबरन महंगी दाले थोपने का आरोप लगाते हुए पूर्ति निरीक्षक को मांग पत्र सौंपा है। गुरुवार को सस्ता गल्ला विक्रेता उत्थान समिति के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने कोटाधारकों के साथ पूर्ति निरीक्षक केके बिष्ट को मांगपत्र सौंपा। उनका आरोप है कि क्षेत्र जनजाति, बंगाली बाहुल्य होने के कारण गरीब राशन कार्ड उपभोत्तफा 82 रूपये किग्रा वाली अरहर और 65 रूपये किग्रा वाली साबुत उड़द की दाल नहीं खरीद रहे हैं। इस कारण उनके पास दाल का बकाया स्टाॅक शेष है। कोटा धारकों के पास स्टाॅक होने के कारण दाल खराब हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दाल नहीं बिकने की जानकारी उन्होंने पूर्व में अधिकारियों को भी दी है। इसके बावजूद सस्ता गल्ला विक्रेताओं को जबरन मुख्यमंत्री पोषित दाल का आवंटन किया जा रहा है। उन्होंने पूर्ति निरीक्षक से महंगी दालों का आवंटन निरस्त करने की मांग की है। इस मौके पर सस्ता गल्ला विक्रेता राजेश कुमार, दीपक जैन समेत कई कोटाधारक मौजूद रहे।
इनसेट
कटौती के कारण नहीं उठा नवंबर का राशन
सितारगंज। राशन कार्ड की आॅनलाइन फीडिंग नहीं होने के कारण नवंबर माह में करीब छह हजार कार्डधारकों के राशन की कटौती कर दी गई। राशन कटौती को कोटाधारक और उपभोत्तफाओं के बीच विवाद की वजह बताते हुए कोटेदारों ने राशन उठाने से इनकार कर दिया है। इस वजह से करीब 52000 राशन कार्डधारकों में वितरण होने वाले सस्ते राशन से अंत्योदय, बीपीएल और एपीएल के कार्डधारक वंचित रह गए हैं।

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