टोल प्लाजा के 20 किमी दायरे में रहने वालों को लोकल पास : 1 नवंबर से 1500 या 3000 रुपये में मिलेगा सालाना शुल्क देना होगा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले निजी वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी है। टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र लोगों को अब 1500 या 3000 रुपये में सालाना रियायती लोकल पास मिल सकेगा। नई व्यवस्था एक नवंबर 2026 से लागू होगी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 26 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण एवं संग्रह) नियम, 2008 में संशोधन करते हुए नए प्रावधान अधिसूचित किए हैं। नए नियमों के तहत संबंधित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिक रियायती सालाना लोकल पास का विकल्प चुन सकेंगे। इसके लिए वाहन पर वैध और चालू फास्टैग होना जरूरी होगा।
नई व्यवस्था में सालाना पास की दर टोल प्लाजा की स्थिति के आधार पर तय की गई है। नगर पालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए सालाना पास की फीस 1500 रुपये होगी। वहीं नगर पालिका अथवा स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए 3000 रुपये सालाना शुल्क देना होगा।
यह पास केवल उसी टोल प्लाजा पर मान्य होगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है। यानी एक टोल प्लाजा के लिए जारी रियायती लोकल पास का इस्तेमाल दूसरे टोल प्लाजा पर नहीं किया जा सकेगा।
हालांकि 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति स्वतः इस सुविधा का पात्र नहीं होगा। सरकार ने इसके लिए कुछ शर्तें और पाबंदियां भी निर्धारित की हैं। क्लोज्ड यूजर फी कलेक्शन सिस्टम पर संचालित राष्ट्रीय राजमार्गों या एक्सप्रेस-वे पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इसके अलावा जहां आवागमन के लिए सर्विस रोड या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है, वहां भी रियायती लोकल पास की सुविधा नहीं मिलेगी।
नई व्यवस्था से उन स्थानीय लोगों को विशेष फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें नौकरी, कारोबार, पढ़ाई या अन्य दैनिक जरूरतों के कारण अपने नजदीकी टोल प्लाजा से बार-बार गुजरना पड़ता है। नई दरें एक नवंबर 2026 से प्रभावी होंगी।


