October 26, 2026

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वन्यजीव अंगों की तस्करी का भंडाफोड़, 114 जोड़े हत्था जोड़ी बरामद

जसपुर । जसपुर कोतवाली पुलिस और एसओजी काशीपुर की संयुक्त टीम ने वन्यजीवों के अंगों की कथित तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्रतार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 114 जोड़े हत्था जोड़ी, जंगली सूअर का एक दांत, पांच मोती शंख और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। वन विभाग की टीम ने मौके पर बरामद सामग्री की पहचान की। पुलिस के अनुसार, आरोपी वन्यजीवों के अंगों को धन प्राप्ति, तंत्र मंत्र और पूजा पाठ के नाम पर ऊंचे दामों में बेचता था। वह इंटरनेट मीडिया के माध्यम से भी इनकी बिक्री करता था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात, पुलिस अधीक्षक काशीपुर और क्षेत्राधिकारी काशीपुर के पर्यवेक्षण में जसपुर कोतवाली पुलिस तथा एसओजी की संयुक्त टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की जांच कर रही थी। पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर को उपनिरीक्षक बसंत प्रसाद और कांस्टेबल बिरेन्द्र दत्त सहित पुलिस टीम शहीद अमित कुमार बग्गा द्वार के पास एसओजी टीम के साथ जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि राजपूत सभा भवन के गेट के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से वन्यजीवों के अंग बेच रहा है। सूचना पर संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से एक व्यक्ति को तीन प्लास्टिक के डिब्बों के साथ पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम आकाश दीक्षित पुत्र विपिन दीक्षित, उम्र 32 वर्ष, निवासी मोहल्ला कटरा, थाना सहसवान, जिला बदायूं, उत्तर प्रदेश बताया। वह वर्तमान में जसपुर के वार्ड नंबर चार स्थित राजपूत सभा भवन के पास रह रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से बरामद एक बड़े प्लास्टिक के डिब्बे में 114 जोड़े हत्था जोड़ी, एक छोटे डिब्बे में जंगली सूअर का एक दांत और एक गोल डिब्बे में पांच मोती शंख मिले। इसके अतिरिक्त एक वीवो मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। मौके पर जसपुर दक्षिणी वन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अनुस्वार टम्टा और उनकी टीम को बुलाया गया। वन विभाग की टीम ने बरामद सामग्री की पहचान की। पुलिस के मुताबिक, वन विभाग ने बताया कि बरामद सामग्री वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत संरक्षित वन्यजीवों से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हरिद्वार निवासी अमन से हत्था जोड़ी के एक जोड़े को 400 से 500 रुपये में खरीदता था। इसके बाद लोगों को धन प्राप्ति, तंत्र मंत्र और पूजा पाठ में उपयोग के नाम पर एक जोड़े को चार से पांच हजार रुपये में बेचता था। पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपी अपनी इंस्टाग्राम आईडी दिव्यपूजासामग्री के माध्यम से ऑनलाइन बिक्री करता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जसपुर कोतवाली में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 49ए, 50 और 51 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में जसपुर कोतवाली के उपनिरीक्षक बसंत प्रसाद और कांस्टेबल बिरेन्द्र दत्त शामिल रहे। एसओजी काशीपुर की टीम में प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील सुतेड़ी, हेड कांस्टेबल विनय कुमार, दीपक कुमार तथा कांस्टेबल हरीश गोस्वामी, इमरान खान और गिरीश कांडपाल शामिल थे। वन विभाग की ओर से जसपुर दक्षिणी रेंज के रेंजर अनुस्वार टम्टा, वन दरोगा हरीश चंद्र सिंह नयाल और अन्य कर्मचारी कार्रवाई में शामिल रहे।

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