सत्र के तीसरे दिन तीखे सवालों से गरमाया माहौल : विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार पर विपक्ष हमलावर
कार्यमंत्रणा समिति से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व विधायक प्रीतम सिंह का इस्तीफा मंजूर नहीं
भराड़ीसैंण (उद संवाददाता)। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही हंगामेदार रही। प्रश्नकाल की शुरुआत होते ही विपक्ष विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर हो गया, जिससे सदन का माहौल गरमा गया। कांग्रेस विधायकों ने नियम 310 के अंतर्गत प्रदेश में भूमिधरी के अधिकार से जुड़े संवेदनशील मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और सरकार से इस पर स्पष्टीकरण की मांग की। विपक्ष के तीखे तेवरों के कारण सदन के भीतर काफी देर तक नोकझोंक की स्थिति बनी रही। विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने सदन में कहा, कार्यमंत्रणा समिति से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व विधायक प्रीतम सिंह का इस्तीफा मंजूर नहीं किया है, जिससे दोनों सदस्य कार्यमंत्रणा समिति के वर्तमान में भी सदस्य है। सदन के भीतर चल रही गहमागहमी के बीच बाहर भी विरोध के स्वर सुनाई दिए। हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश अपनी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों और लंबित मुद्दों की अनदेखी को लेकर विधानसभा भवन परिसर में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनसमस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। वहीं, सदन के भीतर प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई तीखे सवाल सत्ता पक्ष के सामने रखे गए, जिनका जवाब देने में मंत्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। भाजपा विधायक सुरेश गढ़िया ने सवाल किया कि कितने पदक विजेता खिलाड़ियों को नौकरी दी गई? खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा नोकरी देने की प्रक्रिया जारी है। 2013 से 2023 तक 29 खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी दी गई। खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा, हल्द्वानी में जल्द ही हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने आगामी बजट में प्रावधान किया है। निर्माण के लिए सभी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। विश्वविद्यालय के अधीन ही हल्द्वानी स्टेडियम को शामिल किया जाएगा। प्रश्न काल में कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने पीपल कोठी के सेमल डाला मैदान का विस्तार की मांग उठाई। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा सेमल डाला में खेल स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।सत्र के तीसरे दिन विधायी कार्यों की दृष्टि से भी भारी गहमागहमी रहने वाली है। आज सदन पटल पर कई महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक और अध्यादेश चर्चा के बाद पारित किए जाने के लिए रखे गए हैं। इनमें विशेष रूप से समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक और उत्तराखंड देवभूमि परिवार विधेयक पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड माल और सेवाकर (संशोधन) विधेयक, कारागार और सुधारात्मक सेवाएं विधेयक, सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक और निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक सहित कुल 11 महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया जाना है। साथ ही समान नागरिक संहिता और जीएसटी से जुड़े महत्वपूर्ण अध्यादेशों को भी सदन की मंजूरी के लिए पेश किया गया है।


