‘उत्तम नगर घटना’ पर राजनेताओं की चुप्पी से सोशल मीडिया यूजर्स में ‘उबाल’
तरुण खटीक हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर सामने आई लोगों की नाराजगी
रुद्रपुर। दिल्ली के उत्तम नगर इलाके की जेजे कॉलोनी में धुरेड़ी की रात हुए तरुण खटीक हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर सामने आई लोगों की नाराजगी और पीड़ित परिवार के लोगों के साथ हिंदूवादी संगठनों एवं मृतक की कॉलोनी के रहवासियों के दिल्ली सरकार तथा स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस की ढुलमुल कार्यशैली के विरु( उग्र प्रदर्शन के बाद आखिरकार एमसीडी का बुलडोजर बीती रात मृतक तरुण के हत्या आरोपियों के घर पर चल ही गया, मगर पीड़ित परिवार एवं जेजे कॉलोनी के निवासी केवल इतनी कार्यवाही भर से संतुष्ट नहीं है। उनकी दिल्ली सरकार से स्पष्ट मांग है कि इस हत्याकांड में इंसाफ का योगी मॉडल अमल में लाया जाए और खून का बदला खून की तर्ज पर हत्या आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए । ज्ञात हो कि धुरेड़ी के दिन उत्तम नगर इलाके में एक नाबालिक बच्ची के हाथ से पानी का गुब्बारा छूटने के परिणाम स्वरूप पानी के छीटे समुदाय विशेष की एक महिला पर पड़ने के बाद हुए बवाल में नाबालिक बच्ची के भाई तरुण की बेरहमी से हत्या के बाद लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उबल पड़े थे और हिंदू युवक की हत्या पर राहुल गांधी एवं कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों की चुप्पी तथा दिल्ली सरकार की कार्यशैली पर जमकर भड़ास निकाली गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने राहुल गांधी एवं कांग्रेसी नेताओं के दोहरे मानदंड का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि क्या बहुसंख्यकों पर हमला एवं मॉब लिंचिंग अपराध नहीं है, बहुसंख्यकों पर होने वाले अत्याचार पर तथा कथित सेकुलर राजनेताओं की जुबान पर ताला क्यों लग जाता है, उन्हें बहुसंख्यकों की पीड़ा का एहसास क्यों नहीं होता? यूजर ने आगे लिखा कि इसी प्रकरण में अगर किसी अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति की मॉब लिंचिंग हुई होती, तो तथाकथित सेकुलर राजनेताओं को तत्काल हार्ट अटैक आने लगता और वह छाती पीटते हुए भारत के संविधान की धज्जियां उड़ाई जाने की दुहाई देने लगते लगते। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ही एक अन्य यूजर ने उत्तराखंड के मोहम्मद दीपक वाले प्रकरण के बाद राहुल गांधी द्वारा मोहम्मद दीपक के नाम से चर्चा में आए दीपक को अपने आवास पर मुलाकात के लिए बुलाने और दीपक के जिम में दाखिला लेने का वादा करने का हवाला देते हुए चुटकी ली, कि राहुल गांधी और कांग्रेसी नेता उत्तम नगर में मार दिए गए बहुसंख्यक समुदाय के युवक के घर संवेदना जताने और मोहब्बत फैलाने कब पहुंच रहे हैं ? वही समुदाय विशेष के रंग लगने संबंधी डबल स्टैंडर्ड पर एक अन्य एक्स यूजर ने लिखा है कि समुदाय विशेष के लोग रंग बनाते हैं और रंग बेचकर पैसा भी कमाते हैं। रंग बेचते और बनाते समय अगर समुदाय विशेष के व्यक्तियों के कपड़ों अथवा शरीर के किसी हिस्से पर रंग गिर जाता है या रंग लग जाता है, तब उन्हें कोई आपत्ति नहीं होती और ना ही उनकी धार्मिक स्वतंत्रता खतरे में पड़ती है, लेकिन अगर होली अथवा अन्य किसी धार्मिक आयोजन में उन पर रंग अथवा पानी का छोटा सा अंश भी पड़ जाता है तो उनकी धार्मिक आस्था पर बड़ी चोट हो जाती है और तथा कथित सेकुलर वादी हाय तौबा मचाने लगते हैं। होली के त्योहार पर उत्तम नगर में दिल्ली के उत्तम नगर में हुई हिंदू युवक की हत्या पर फेसबुक में भी काफी कुछ कहा और लिखा जा रहा है। फेसबुक पर ही एक यूजर ने बरसाती मेंढक की तरह समय-समय पर सामने आने वाले तथाकथित दलित मसीहों पर कटाक्ष करते हुए लिखा है कि अल्पसंख्यकों द्वारा दलित की हत्या एवं दलित उत्पीड़न पर दलित नेताओं को सांप क्यों सूंघ जाता है? बताना होगा कि दिल्ली के उत्तम नगर की हिंसा में प्राण गंवाने वाला युवक दलित समुदाय से था, लेकिन देश का कोई भी दलित नेता और तथाकथित दलित मसीहा पीड़ित दलित परिवार के साथ अभी तक नहीं खड़ा हुआ है।
