कॉर्बेट से सटे क्षेत्र में घायल मिली जंगल कैट की मौत
रामनगर। कॉर्बेट नेशनल पार्क से लगे एनएच-309 के पास एक दुर्लभ प्रजाति की जंगल कैट मंगलवार को घायल अवस्था में मिली, जिसकी कुछ देर बाद मौत हो गई। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने एनटीसीए ;नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटीद्ध के दिशा-निर्देशों के तहत कार्रवाई की और मृत वन्यजीव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जंगल कैट के शरीर पर गंभीर चोटों की पुष्टि हुई, जिससे स्पष्ट होता है कि यह सड़क हादसे का शिकार हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल कैट एक दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति है, जिसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में शामिल किया गया है। यह प्रजाति मुख्य रूप से घास के मैदानों और जंगलों में निवास करती है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के आसपास मानव-वन्यजीव संघर्ष और बढ़ते ट्रैफिक दबाव के चलते इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि नेशनल हाईवे पर वाहनों की तेज रफ्रतार और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर की कमी ऐसे हादसों का मुख्य कारण है। वन्यजीव विशेषज्ञ संजय छिम्वाल ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी है कि जंगलों से गुजरने वाले मार्गों पर स्पीड लिमिट, अंडरपास, और ओवर पास जैसी संरचनाएं बनाई जाएं, जिससे वन्यजीवों को सुरक्षित आवाजाही मिल सके। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा ने बताया कि जंगल कैट कॉर्बेट क्षेत्र के आसपास पाई जाने वाली एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रजाति है। इसकी सड़क दुर्घटना में मौत होना वन्यजीव संरक्षण के लिए चिंता का विषय है।
