यौन उत्पीड़न में फिर घिरे हरक सिंहः भाजपा से पूछा,दोषी था तो पार्टी में क्यों शामिल कराया?
देहरादून। कांग्रेस नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने जैनी प्रकरण को लेकर अपनी सफाई देते हुए भाजपा सरकार और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता हत्याकांड और अन्य जनहित के मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा वर्षों पुराने मामले को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीतिक षडड्ढंत्र के तहत उनकी छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस पेपर लीक और वोट चोरी जैसे मुद्दों पर देशभर में संघर्ष कर रही है। दिल्ली में आयोजित रैली और कांग्रेस की संकल्प परिवर्तन एवं न्याय यात्रा को मिल रहे जनसमर्थन से भाजपा घबराई हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री के देहरादून दौरे के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन और काले झंडे दिखाने की घटना भी भाजपा की बेचौनी को दर्शाती है।जैनी प्रकरण पर अपनी सफाई देते हुए हरक सिंह रावत ने दावा किया कि इस मामले में सीबीआई जांच, डीएनए टेस्ट और तत्कालीन सीजेएम देहरादून की अदालत से उन्हें राहत मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार थी और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हुई थी। ऐसे में वर्षों बाद इस मामले को दोबारा राजनीतिक रूप से उठाना उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि तत्कालीन समय में उन्होंने नैतिक आधार पर विधानसभा से इस्तीफा देकर स्वयं सीबीआई जांच और डीएनए टेस्ट की मांग की थी। इसके बाद जनता ने उन्हें तीन बार विधानसभा चुनाव जिताकर अपना विश्वास जताया। हरक सिंह ने सवाल उठाया कि यदि वह दोषी थे तो भाजपा ने उन्हें अपनी पार्टी में क्यों शामिल किया था? उनके अनुसार भाजपा राजनीतिक लाभ लेने के लिए पुराने मामले को फिर से उछाल रही है।पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्टð और कुछ सोशल मीडिया कर्मियों पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस राजनीतिक षडड्ढंत्र के खिलाफ मानहानि सहित सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों का सहारा लिया जाएगा। भाजपा की ओर से शुरू किए गए इस राजनीतिक खेल का जवाब राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर दिया जाएगा।हरक सिंह रावत ने यह भी दावा किया कि जैनी उनके आवास पर केवल दो दिन रही थीं। उन्होंने कहा, ष्मैंने उसे छूना तो दूर, उसकी शक्ल तक नहीं देखी।ष् उन्होंने बताया कि कुछ कार्यकर्ता उसे असम के एक विधायक की बेटी बताकर उनके पास लाए थे। उनके मुताबिक, लड़की उन कार्यकर्ताओं के साथ उनके आवास के अंदर नहीं आई थी। उन्होंने उसे होटल में नौकरी दिलाने की बात कही थी, लेकिन बाद में पत्नी की सलाह पर उसे नारी निकेतन भेज दिया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि जैनी को गलत रास्ते पर ले जाने में भाजपा के दो विधायक शामिल थे और पूरे प्रकरण को राजनीतिक षडड्ढंत्र के तहत उठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जैनी के बेटे के पिता के बारे में जानकारी है, लेकिन फिलहाल वह इसका खुलासा नहीं करना चाहते। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की डीएनए जांच कराने की मांग भी उठाई।


