‘मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी’ का भव्य समापन, मुख्यमंत्री ने विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित
देहरादून (उद संवाददाता)। राजधानी देहरादून में आयोजित ‘मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी’ का भव्य समापन समारोह उत्साह और उमंग के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत कर विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया और राज्य की खेल प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से उत्तराखण्ड में खेल और खिलाड़ियों को एक नई और विशिष्ट पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए एक क्रांतिकारी ‘नई खेल नीति’ लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं। सीएम धामी ने कहा कि आज का दिन हमारे राज्य के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर है। हमने संकल्प लिया था कि हम उत्तराखण्ड को खेलों के मानचित्र पर अग्रणी बनाएंगे और आज आप सबकी मेहनत से वह संकल्प साकार होता दिख रहा है। हमारी सरकार ने खिलाड़ियों के संघर्ष को समझा है। पहले खिलाड़ियों के पास प्रतिभा तो थी, लेकिन उचित मंच और भविष्य की सुरक्षा का अभाव था। हमारी सरकार ने प्रदेश में नई खेल नीति लागू की है, जो खिलाड़ियों को बचपन से ही निखारने का काम कर रही है। हमने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी की व्यवस्था की है। अब हमारे खिलाड़ियों को इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है कि खेल के बाद उनका भविष्य क्या होगा। आप मैदान पर पसीना बहाइये, आपके भविष्य की चिंता हमारी सरकार करेगी। हमने केवल नीतियां ही नहीं बनाईं, बल्कि धरातल पर खेल इंफ्ास्ट्रक्चर का सुनियोजित विकास किया है। आज प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रें में भी मिनी स्टेडियम और खेल मैदानों का निर्माण किया जा रहा है ताकि गांव की प्रतिभा को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकें। सीएम धामी ने कहा मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि आगामी राष्ट्रीय खेलों में हमने मलखंब जैसे पारंपरिक खेल को भी शामिल किया है। यह हमारी मिट्टðी से जुड़ा खेल है। आज हम देख रहे हैं कि प्रदेश का युवा नशे की लत को छोड़कर मैदानों की ओर रुख कर रहा है। खेलों से जुड़कर युवा न केवल शारीरिक रूप से मजबूत हो रहे हैं, बल्कि अनुशासन भी सीख रहे हैं। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है उत्तराखण्ड को खेल की दुनिया में एक मॉडल स्टेट बनाना। हम खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति, आधुनिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच उपलब्ध करा रहे हैं। मैं सभी विजेताओं को बधाई देता हूँ और जो पीछे रह गए, उनसे कहना चाहता हूँ कि यह अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। हार से सीखें और दुगनी ऊर्जा से मैदान में लौटें। मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं का आ“वान किया कि वे नशामुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प को पूरा करने में खेलों को अपना माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का युवा खेलों से अधिक से अधिक जुड़ रहा है, जो राज्य के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड देश के स्पोर्ट्स हब के रूप में अपनी पहचान बनाए। समापन अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या, सचिव अमित सिन्हा और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


