शुद्धिकरण मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ पहली FIR, एसएसपी ने कहा- शिकायतों का परीक्षण जारी, वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की होगी जांच
हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद कथित शुद्धिकरण के मामले में आखिरकार पहली FIR दर्ज हो गई है। अधिवक्ता अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपी गई है। यह कार्रवाई भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के हल्द्वानी दौरे से ठीक पहले हुई है। ऐसे में FIR के बाद हल्द्वानी का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमाने के आसार हैं। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और उसके आधार पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान में कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया। आरोप है कि इस कार्रवाई में जातिगत भेदभाव, सामाजिक अपमान तथा अनुसूचित जाति के व्यक्ति के प्रति घृणा और हीनता का भाव प्रदर्शित किया गया।अधिवक्ता अंजू ने कहा कि वह कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं हैं, लेकिन खड़गे की रैली के दौरान वह स्वयं रामलीला मैदान में मौजूद थीं। उनके अनुसार, रैली में किसी तरह की आपत्तिजनक नारेबाजी नहीं हुई थी। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित किया गया, जिसमें कुछ लोगों को नारेबाजी करते दिखाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस वीडियो की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कथित शुद्धिकरण के बाद हवन का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है। पुलिस से सोशल मीडिया पर प्रसारित दोनों तरह के वीडियो की जांच की मांग की गई है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(R) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
एसएसपी ने कहा- शिकायतों का परीक्षण जारी
FIR दर्ज होने के बाद एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि शुद्धिकरण मामले को लेकर अधिवक्ता की ओर से दी गई तहरीर का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की ओर से जिले के अलग-अलग थाना और चौकी क्षेत्रों में भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की जा रही है।एसएसपी ने सभी राजनीतिक दलों और लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा कानून का पालन करने की अपील की है। मामले की जांच एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपी गई है। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ घटना से संबंधित वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि कथित शुद्धिकरण की कार्रवाई में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका थी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
FIR के बाद बढ़ सकती है सियासी गर्मी
शुद्धिकरण मामले को लेकर कांग्रेस लंबे समय से मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रही थी। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। अब FIR दर्ज होने के बाद मामले ने कानूनी रूप ले लिया है। इसी प्रकरण को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भी पुलिस में FIR दर्ज की गई है। राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। मामले में पुलिस अब शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।वहीं, शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के खिलाफ बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज की गई है। यानी शिकायत दूसरे क्षेत्र से संबंधित होने के बावजूद संबंधित थाने में FIR दर्ज कर उसे जांच और आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित क्षेत्र की पुलिस को भेजा जा सकता है।
