राजस्व गांव के लिए महारैली में उमड़ा जनसैलाब
लालकुआं (उद संवाददाता)। दशकों पुरानी मांग को लेकर बिंदुखत्ता के ग्रामीणों के सब्र का बांध बुधवार को टूट गया। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए गठित संघर्ष समिति के आ“वान पर आज हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने एक विशाल महारैली का आयोजन किया। जनता इंटर कॉलेज जड़ सेक्टर के मैदान में आयोजित इस महारैली में जनशक्ति का ऐसा नजारा दिखा कि चप्पे-चप्पे पर केवल आंदोलनकारी ही नजर आए। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है और जब तक राजस्व गांव का हक नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। बुधवार सुबह 10 बजे से ही बिंदुखत्ता के विभिन्न सेक्टरों से लोगों का हुजूम रैली स्थल की ओर उमड़ने लगा। ग्रामीण अपने निजी वाहनों, कारों और विशेषकर सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर गगनभेदी नारों के साथ आयोजन स्थल पर पहुँचे। दोपहर होते-होते जनसभा स्थल पूरी तरह भर गया और हजारों लोगों की मौजूदगी ने सरकार के खिलाफ अपने आक्रोश का प्रदर्शन किया। महासभा के मंच से क्रांतिकारी गीतों की गूंज सुनाई दी और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ वक्ताओं ने अपनी जायज मांग को लेकर हुंकार भरी। वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता के लोग वर्षों से मूलभूत अधिकारों और भूमि के मालिकाना हक के लिए तरस रहे हैं, लेकिन सरकारें केवल आश्वासन देकर उन्हें ठगती रही हैं। महासभा में वक्ताओं ने दो टूक कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाना अब केवल मांग नहीं, बल्कि सम्मान की लड़ाई बन गई है। समाचार लिखे जाने तक जनसभा के बाद लालकुआं शहर में एक विशाल जुलूस निकालने और उसके पश्चात तहसील मुख्यालय पर धरना- प्रदर्शन करने की तैयारी चल रही थी। आंदोलन की व्यापकता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भारी भीड़ के चलते लालकुआं-बिंदुखत्ता मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना पुलिस के लिए चुनौती बना रहा।
