आधारभूत सुविधाओं का हुआ विस्तार: उत्तराखंड में होम स्टे से बढ़ा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार
देहरादून। उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय निवासियों को पर्यटन आधारित स्वरोजगार से जोड़ने की योजनाओं का सकारात्मक परिणाम सामने आने लगा है। पिछले तीन वर्षों में राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब 62 लाख की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे पर्यटन क्षेत्र में नई आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिली है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य गठन के समय वर्ष 2000-01 में उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों की संख्या लगभग 1.05 करोड़ थी। यह संख्या लगातार बढ़ते हुए वर्ष 2024-25 में 6.01 करोड़ से अधिक हो गई है। धार्मिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन स्थलों के विकास के साथ-साथ सड़क, आवास और अन्य सुविधाओं में सुधार का सीधा असर पर्यटकों की बढ़ती संख्या के रूप में देखा जा रहा है। विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022-23 में उत्तराखंड आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या 64,489 थी, जो चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 1,92,533 हो गई है। यानी तीन वर्षों में करीब 28 हजार से अधिक विदेशी पर्यटक राज्य में बढ़े हैं। जबकि राज्य गठन के समय वर्ष 2000-01 में केवल 54,701 विदेशी पर्यटक ही उत्तराखंड पहुंचे थे। पर्यटन के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़े हैं। सरकार की होम स्टे योजना और होटल व्यवसाय को प्रोत्साहन मिलने से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। वर्तमान में राज्य में छह हजार से अधिक होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जबकि करीब दस हजार से अधिक होटल पर्यटकों को सेवाएं दे रहे हैं।वर्ष 2022-23 में जहां राज्य में 3,935 होम स्टे संचालित हो रहे थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 6,161 तक पहुंच गई है। इसी प्रकार राज्य में होटलों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। वर्ष 2000-01 में प्रदेश में 4,893 छोटे-बड़े होटल संचालित होते थे, जो वर्ष 2022-23 में बढ़कर 8,225 हो गए थे। पिछले तीन वर्षों में यह आंकड़ा दस हजार पार करते हुए 10,509 तक पहुंच गया है। पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से होटलों और होम स्टे के आसपास ढाबों, स्थानीय उत्पादों की दुकानों और धार्मिक स्थलों के समीप प्रसाद व पूजन सामग्री की दुकानों में भी वृद्धि हुई है। इससे स्थानीय युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में सड़क नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है। वर्ष 2021-22 में जहां कुल सड़क लंबाई 50,393 किमी थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 51,278 किमी हो गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क बढ़ने से दूरदराज के गांवों तक पहुंच आसान हुई है और पर्यटन तथा स्थानीय कारोबार को भी नई ऊर्जा मिली है। पर्वतीय राज्य में हेलीकाप्टर सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ाया गया है। वर्ष 2022 तक राज्य में दो हेलीपोर्ट थे, जो वर्ष 2025 में बढ़कर सात हो गए हैं। इसी तरह हेलीपैड की संख्या वर्ष 2021-22 में 60 से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 118 तक पहुंच गई है। इस विस्तार से चारधाम यात्रा, आपदा राहत, मेडिकल आपातकालीन सेवाओं और दूरस्थ क्षेत्रों में त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने में बड़ी मदद मिल रही है।
