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पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ़ फ़ूटा छात्रों का गुस्सा

रुद्रपुर(उद संवाददाता)। छात्र संघ चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के दौरान हुए गोलीकाण्ड के मामले में आरोपियों की धरपकड़ में जुटी कोतवाली पुलिस ने देर रात तक नामजद छात्र नेता सचिन गंगवार के घर दबिश देकर उसकी पत्नी और पिता को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि सचिन गंगवार की गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट भी की गयी। पुलिस ने दूसरे आरोपी अमृतपाल के घर भी आधी रात को दबिश दी। यहां पुलिस पर अमृत पाल की मां से अभद्रता किये जाने का आरोप है। पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा देर रात को ही कई छात्र कोतवाली में धरने पर बैठ गये। छात्रों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कोतवाल को हटाने और गर्भवती से मारपीट करने वाली महिला कांस्टेबल के खिलाफ सख्त कार्रवार्ठ की मांग की। बता दें छात्र संघ चुनाव से पूर्व नामांकन के दौरान कालेज के गेट के बाहर छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें सरेआम फायरिंग भी हुई। इस मामले में पुलिस ने वायरल हो रही वीडियो के आधार पर कई युवकों को नामजद किया था। जिसमें कई आरोपी अभी फरार हैं। जिनमें पूर्व छात्र संघ सचिव सचिन गंगवार और अमृत पाल भी शामिल हैं। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। इसी के तहत पुलिस की एक टीम मंगलवार देर रात सचिन गंगवार के भूतबंगला स्थित घर पर दबिश देने पहुंची। आरोप है कि छात्रसंघ पूर्व सचिव सचिन गंगवार की गैर मौजूदगी में पुलिस कर्मियों ने उसकी गर्भवती पत्नी लता गंगवार और पिता ओमप्रकाश गंगवार को जबरन अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस टीम ने रात को ही प्रीत विहार में अमृतपाल के घर में भी दबिश दी। आरोप है कि उसकी माता से अभद्रता कर घर में सारा सामान अस्तव्यस्त कर दिया गया। इसके विरोध में रात को ही कई छात्र पुलिस के खिलाफ मुखर हो गये और कोतवाली कोतवाली परिसर में स्थित सीओं कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया। छात्रों का कहना था कि पुलिस कर्मियों ने लता गंगवार के पेट में लातें मारी और पिता को थप्पड़ मारे। जिससे उनको चोटें आईं। छात्र नेताओं का कहना है कि बार बार पूछने पर भी पुलिस अधिकारी लता गंगवार और ओमप्रकाश गंगवार को हिरासत में लेने की वजह नहीं बता रहे हैं। इस प्रकरण का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होना बताया गया है। छात्रों के भारी विरोध के चलते पुलिस ने प्रातः लता गंगवार को हिरासत से मुक्त कर दिया परंतु ओमप्रकाश अभी भी पुलिस हिरासत में हैं। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक पुलिस माफी मांगकर ओमप्रकाश गंगवार को नहीं छोड़ेगी आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने लता गंगवार को जिला चिकित्सालय ले जाकर उनका उपचार करवाया। छात्रों का यह भी आरोप है कि छात्र नेता अमृतपाल सिंह के घर में भी पुलिस टीम रात्रि में पहुंची और घर का कुंडा तोड़ जबरन भीतर जा घुसी। उसकी माता ने बताया कि पुलिस कर्मियों ने उसके साथ अभद्रता की और अमृतपाल के कमरे में रखा सारा सामान अस्तव्यस्त कर दिया। पुलिस कर्मी अमृतपाल के बारे में पूछ रहे थे। दोपहर को पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए छात्रों को धरने से जबरन हटा दिया। मामले को लेकर पुलिस के खिलाफ छात्रों में आक्रोश है। इस दौरान गौरव शुक्ला, अंग्रेज सिंह, रामप्रकाश यादव, कमल पोपली, सौरभ राजपूत, गिरीश पाल, गोपाल पटेल, अंकित प्रजापति, ज्योति, आकाश, सुमित, किशन, छात्रसंघ अध्यक्ष रजत सिंह बिष्ट, सचिव जसवंत सिंह, उपाध्यक्ष चेतन भट्ट, विवि प्रतिनिधि मोहित चन्द्र भट्ट, उप सचिव मोहन कोली, कमल कांत, राज उपदेश सागर, करन दिवाकर आदि मौजूद थे।

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