केदारताल ट्रैक पर बड़ा हादसा: लापता आठ ट्रैकर्स में से चार के शव मिले, छह की तलाश जारी; लखनऊ की दो सगी बहनें भी लापता
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन के बाद फंसे आठ ट्रैकर्स की तलाश में जुटी एसडीआरएफ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की टीम को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को चलाए गए रेस्क्यू अभियान के दौरान टीम ने एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद किए हैं। दोनों शव लापता ट्रैकर्स के ही बताए जा रहे हैं।बुधवार को केदारताल ट्रेक से दो और ट्रैकर्स के शव बरामद हुए हैं. जिला प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक मरने वालों की संख्या चार हो गयी है हालांकि, अभी उनकी आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं हुई है। अन्य छह ट्रैकर्स की तलाश के लिए बुधवार को भी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने दो शव मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोनों शवों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से हर्षिल हेलीपैड लाया जाएगा। पांच दिन पहले केदारताल ट्रैक पर कच्ची ढांग के समीप आठ ट्रैकर्स के फंसने की सूचना मिली थी। इसके बाद से ही एसडीआरएफ, निम और अन्य संबंधित टीमें उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए अभियान चला रही हैं।दो शव मिलने के बाद अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया है। वहीं, लापता छह लोगों के परिजन अब भी उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
मौसम खुलने के बाद चार हजार मीटर की ऊंचाई पर चला रेस्क्यू अभियान
केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन के बाद फंसे आठ ट्रैकर्स को तलाशने के लिए एसडीआरएफ और निम की टीम लगातार प्रयास कर रही थी। खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों के कारण अभियान में बाधाएं आ रही थीं।मंगलवार को मौसम खुलने के बाद रेस्क्यू टीम ने समुद्रतल से करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर अभियान शुरू किया। टीम आवश्यक सुरक्षा उपकरणों और बचाव सामग्री के साथ केदारखड़क क्षेत्र की ओर पहुंची।इस दौरान बचावकर्मियों को एक महिला और एक पुरुष का शव मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों शव हादसे में लापता हुए ट्रैकर्स के हो सकते हैं। बरामद शवों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद ली जाएगी।रेस्क्यू टीम के सामने अब अन्य छह ट्रैकर्स का पता लगाने की चुनौती है। दुर्गम रास्ते, अधिक ऊंचाई, ठंड और मौसम में संभावित बदलाव के कारण अभियान में विशेष सावधानी बरती जा रही है।
बुधवार को अतिरिक्त टीम और लाइफ सपोर्ट सामग्री भेजी जाएगी
रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए बुधवार को एक अतिरिक्त टीम केदारखड़क भेजने की तैयारी है। इस टीम के साथ राशन, जरूरी उपकरण और अन्य लाइफ सपोर्ट सामग्री भी भेजी जाएगी, ताकि ऊंचाई पर अभियान चला रही टीम को आवश्यक सहायता मिल सके।एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि बुधवार को रेस्क्यू अभियान में जुटी टीम के सहयोग के लिए अतिरिक्त टीम भेजी जाएगी। इसके साथ रसद और अन्य जीवनरक्षक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।एसडीआरएफ और निम की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम संयुक्त रूप से शेष छह ट्रैकर्स की तलाश जारी रखेगी। अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य सभी लापता लोगों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।
लखनऊ की दो सगी बहनें भी लापता, भाई परिजनों के साथ उत्तरकाशी पहुंचा
केदारताल ट्रैक पर हुए हिमस्खलन के बाद लापता आठ ट्रैकर्स में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गायत्रीपुरम निवासी दो सगी बहनें वर्तिका वर्मा और दीपिका वर्मा भी शामिल हैं। दोनों के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद परिवार में चिंता और बेचैनी का माहौल है।मंगलवार को उनके भाई अतुल वर्मा अपने परिजनों के साथ जिला मुख्यालय उत्तरकाशी पहुंचे। उन्होंने बताया कि ट्रैकिंग एजेंसी की ओर से उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी गई थी। उन्हें सोशल मीडिया पर खबर देखने के बाद हादसे का पता चला, जिसके बाद वह तत्काल उत्तरकाशी पहुंचे।अतुल वर्मा ने बताया कि परिवार को अब भी दोनों बहनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद है। वह रेस्क्यू अभियान और प्रशासन की ओर से मिलने वाली जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
दोनों बहनों को था ट्रैकिंग का शौक, पहले भी कर चुकी थीं कई सफल ट्रैक
अतुल वर्मा के मुताबिक, उनकी बहन वर्तिका वर्मा फ्रीलांसर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। वहीं, दूसरी बहन दीपिका वर्मा एक निजी कंपनी के लिए ग्राफिक्स डिजाइनिंग का काम करती हैं।दोनों बहनों को पहाड़ों और ट्रैकिंग का काफी शौक था। वे इससे पहले भारत और नेपाल के कई लोकप्रिय ट्रैक पर सफलतापूर्वक जा चुकी थीं। परिवार के अनुसार, करीब दो महीने पहले ही वर्तिका और दीपिका फूलों की घाटी तथा हेमकुंड साहिब की ट्रैकिंग करके लौटी थीं।इसके अलावा लगभग एक साल पहले अतुल वर्मा अपनी दोनों बहनों और दो दोस्तों के साथ उत्तरकाशी जिले के मोरी क्षेत्र स्थित केदारकांठा ट्रैक पर भी गए थे। यह ट्रैकिंग भी सफल रही थी। दोनों बहनें नेपाल में भी कई स्थानों पर ट्रैकिंग कर चुकी थीं।अतुल ने बताया कि उनकी बहनों को ट्रैकिंग का अच्छा अनुभव था। वे यात्रा के दौरान जरूरी सुविधाओं और ट्रैकिंग से संबंधित आवश्यक सामान भी अपने साथ रखती थीं। ऐसे में परिवार को उम्मीद है कि दोनों सुरक्षित होंगी और रेस्क्यू टीम उन्हें जल्द खोज निकालेगी।
परिजनों की नजरें रेस्क्यू अभियान पर टिकीं
केदारताल ट्रैक पर हुए इस हादसे ने आठों ट्रैकर्स के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। दो शव मिलने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। खासकर लखनऊ से पहुंचे अतुल वर्मा और उनके परिवार की नजरें अब रेस्क्यू अभियान पर टिकी हैं।फिलहाल एसडीआरएफ, निम और हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम अन्य छह लापता ट्रैकर्स की तलाश में जुटी हैं। बुधवार को अतिरिक्त टीम और जीवनरक्षक सामग्री भेजे जाने के बाद अभियान को और गति मिलने की उम्मीद है।प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बचाव दल शेष छह ट्रैकर्स का पता कब तक लगा पाता है और लापता लोगों के संबंध में आगे क्या जानकारी सामने आती है।


