अब गिरधारी लाल साहू का पलटवार: रेखा आर्या पर 210 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप, CM धामी से जांच की मांग
उत्तराखंड में सियासी तूफान, जल्द प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कथित भ्रष्टाचार के मामले सार्वजनिक करने का दावा
देहरादून/बरेली। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मंत्री की ओर से पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद अब गिरधारी लाल ने पलटवार किया है। उन्होंने रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार के जरिए 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंत्री की संपत्तियों और उनके विभाग में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।कार में बैठकर फेसबुक लाइव के माध्यम से अपनी बात रखते हुए गिरधारी लाल ने दावा किया कि वह जल्द ही उत्तराखंड में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कथित भ्रष्टाचार और संपत्ति से जुड़े मामलों को सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने कहा कि रेखा आर्या के विभाग में पिछले 10 वर्षों से भ्रष्टाचार हो रहा है और इस संबंध में उन्होंने कई बार मंत्री के सामने आपत्ति भी जताई थी। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में स्वतंत्र रूप से सत्यापित साक्ष्य सामने आना अभी बाकी है।
सीएम धामी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग
गिरधारी लाल साहू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंत्री की संपत्तियों और उनके विभाग में कथित अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।उन्होंने मुख्यमंत्री को अपना मित्र और भाई जैसा बताते हुए जांच पर भरोसा जताया। गिरधारी लाल का कहना है कि यदि उनके आरोप गलत साबित होते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में विवाद और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।हालांकि, किसी व्यक्ति पर भ्रष्टाचार या अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगना अपने आप में अपराध साबित होने के समान नहीं है। इन दावों की पुष्टि के लिए संपत्ति के रिकॉर्ड, आय के स्रोत, विभागीय दस्तावेजों और अन्य प्रासंगिक साक्ष्यों की जांच जरूरी होगी।
पूर्व महिला मैनेजर को लेकर भी लगाए आरोप,कथित ऑडियो को भी फर्जी बताया
गिरधारी लाल ने अपनी पूर्व महिला मैनेजर को लेकर भी रेखा आर्या पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि महिला मंत्री से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण राज जानती थी और इसी वजह से उसे जेल भिजवाया गया। उन्होंने मंत्री की ओर से सार्वजनिक किए गए कथित ऑडियो को भी फर्जी बताया और आरोप लगाया कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है।हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता को लेकर दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट करने के लिए तकनीकी और फॉरेंसिक जांच महत्वपूर्ण होगी कि ऑडियो वास्तविक है, उसमें किसी तरह का संपादन किया गया है या नहीं और बातचीत का पूरा संदर्भ क्या है।
17 साल तक राजनीतिक सफर में साथ देने का दावा
गिरधारी लाल साहू ने दावा किया कि उन्होंने करीब 17 वर्षों तक रेखा आर्या के राजनीतिक सफर में सहयोग किया। उनके मुताबिक, उन्होंने चुनाव के दौरान लोगों से उनके समर्थन में वोट मांगे और विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों में भी साथ दिया।उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव लड़ने के सिलसिले में उत्तराखंड जाने से इनकार करने के बाद मंत्री उनसे नाराज हो गई थीं। गिरधारी लाल ने रेखा आर्या को गोलू देवता की कसम खाकर यह बताने की चुनौती भी दी कि क्या उन्होंने कभी उनके साथ अन्याय किया है। साथ ही उन्होंने मंत्री से अपने खिलाफ लगाए गए आरोप वापस लेने की मांग की।ये सभी दावे गिरधारी लाल की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इनकी पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण आवश्यक है।
कंपनी के शेयर और इस्तीफे को लेकर भी विवाद
मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों में कंपनी के दस्तावेजों पर कथित फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें निदेशक पद से हटाने का मामला भी शामिल है। इस पर पलटवार करते हुए गिरधारी लाल ने दावा किया कि संबंधित कंपनी में रेखा आर्या की भी हिस्सेदारी है। उनका कहना है कि कंपनी के दस्तावेजों की जांच से इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।अब इस विवाद में कंपनी के रिकॉर्ड, शेयरों के स्वामित्व, निदेशक पद से जुड़े दस्तावेजों और कथित इस्तीफे की प्रामाणिकता की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। यदि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर को लेकर विवाद है, तो हस्तलेखन और डिजिटल रिकॉर्ड सहित संबंधित साक्ष्यों की जांच से तथ्य सामने आ सकते हैं।
रेखा आर्या ने पति पर पहले से शादीशुदा होने की बात छिपाने का लगाया आरोप
दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायत के अनुसार, उन्होंने 6 जुलाई 2004 को बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया था। मंत्री का आरोप है कि विवाह के समय पति ने अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। रेखा आर्या के मुताबिक, कुछ समय बाद उन्हें कथित तौर पर पता चला कि गिरधारी लाल पहले से विवाहित थे और पहली शादी से उनके बच्चे भी हैं। शिकायत में उन्होंने पति पर प्रताड़ना, मारपीट, जातिसूचक शब्द कहने, जालसाजी और जान से मारने की साजिश रचने जैसे आरोप भी लगाए हैं।मंत्री ने यह भी दावा किया कि उनके पति के अन्य महिलाओं से संबंध थे और विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
भावुक वीडियो के बाद तबीयत बिगड़ने की खबर
पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें वह भावुक नजर आई थीं। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने और देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती कराए जाने की खबर सामने आई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, उनकी हालत स्थिर बताई गई थी। हालांकि, उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए।
अब जांच पर टिकी निगाहें
रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब वैवाहिक आरोपों से आगे बढ़कर कथित भ्रष्टाचार, संपत्ति, कंपनी के दस्तावेजों और ऑडियो की प्रामाणिकता तक पहुंच गया है। एक ओर मंत्री ने पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है, वहीं दूसरी ओर गिरधारी लाल ने मंत्री पर कथित अवैध संपत्ति अर्जित करने और विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
फिलहाल, दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री स्तर पर कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए कोई कदम उठाया जाएगा और पुलिस की जांच में वैवाहिक विवाद, कंपनी के दस्तावेजों तथा कथित ऑडियो से जुड़े तथ्यों पर क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।


