रेखा आर्या ने अपने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR: महिला से बातचीत करते गिरधारी लाल साहू का ऑडियो फेसबुक पर पोस्ट किया
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पति पर लगाए पहले से शादीशुदा होने की बात छिपाने का आरोप
देहरादून। उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की साजिश रचने के आरोप में कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मंत्री की शिकायत के अनुसार, उनके पति ने कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए उन्हें कंपनी के निदेशक पद से हटाने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पहले से शादीशुदा होने की बात छिपाने का आरोप
मंत्री रेखा आर्या ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका विवाह वर्ष 2004 में बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू से हुआ था। आरोप है कि साहू ने अपनी पहली शादी और उससे हुए बच्चों की जानकारी उनसे छिपाई थी। जब उन्हें इस बात का पता चला, तब तक उनके भी बच्चे हो चुके थे। मंत्री के मुताबिक, सामाजिक परिस्थितियों और लोकलाज के कारण उन्होंने उस समय चुप रहना उचित समझा।
मारपीट और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप
शिकायत में मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से उनके पति का व्यवहार बदल गया था। उन्हें कथित तौर पर साहू के अन्य महिलाओं से संबंधों की जानकारी मिली। इस पर आपत्ति जताने के बाद पति ने मौखिक और लिखित रूप से माफी भी मांगी, लेकिन आरोप है कि उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ।
मंत्री के अनुसार, विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साहू कई बार उनके सरकारी आवास पर पहुंचे और वहां भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया।
फर्जी हस्ताक्षर कर पद से हटाने का आरोप
रेखा आर्या ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके पति ने कथित रूप से दस्तावेजों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर कंपनी के निदेशक पद से उन्हें हटवा दिया, जबकि उन्होंने न तो कोई त्यागपत्र दिया था और न ही इस संबंध में कोई पत्र तैयार किया था।
विवादित ऑडियो को लेकर भी शिकायत
मंत्री ने पुलिस को बताया कि हाल ही में उन्हें एक ऑडियो मिला, जिसमें कथित तौर पर गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत करते सुनाई दे रहे हैं। आरोप है कि बातचीत में मंत्री के खिलाफ कथित साजिश, वकालतनामे पर हस्ताक्षर कराने और जेल जाने की स्थिति के लिए तैयार रहने जैसी बातें कही गई हैं। ऑडियो में कथित बातचीत के दौरान महिला को यह भी समझाया जा रहा है कि रेखा आर्या जीवनभर मंत्री नहीं रहेंगी और उनका मंत्री पद केवल तीन-चार महीने के लिए है। बातचीत में पैसों के लेन-देन और पुलिस के पक्ष में होने का दावा किए जाने का भी उल्लेख है। यह ऑडियो मंत्री ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया है। हालांकि, प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अमर उजाला ने ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसमें सुनाई देने वाली बातों और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू
एसपी सिटी शेखर चंद सुयाल के अनुसार, मंत्री की शिकायत पर जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, जान से मारने की साजिश रचने, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


