October 8, 2026

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‘ओले आले’ की शूटिंग से हमेशा यादगार रहेंगी उत्तराखंड प्रवास की यादें, 2022 में बाबा केदारनाथ के दर्शन करने पहुंचे थे नाना पाटेकर

सीएम पुष्कर सिंह धामी से की थी मुलाकात ; 7 दिनों तक होम स्टे में ठहरे: पहाड़ों में बसने की इच्छा जताई थी
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। उत्तराखंड से भी उनकी कई खास यादें जुड़ी हुई हैं। कुछ समय पहले मराठी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र में पहुंचे नाना पाटेकर यहां की प्राकृतिक सुंदरता से बेहद प्रभावित हुए थे। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान भविष्य में यहां जमीन खरीदकर रहने की इच्छा भी जताई थी।मराठी फिल्म की शूटिंग के लिए नाना पाटेकर फिल्म यूनिट के साथ चीन सीमा से सटी नीती घाटी पहुंचे थे। करीब नौ दिनों तक नीती गांव, तपोवन, लाता और आसपास के क्षेत्रों में फिल्म की शूटिंग हुई। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और यहां के रहन-सहन, वेशभूषा, मौसम और पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी ली।जोशीमठ की तत्कालीन एसडीएम कुमकुम जोशी ने भी नाना पाटेकर से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्हें स्थानीय सेब और अखरोट भेंट किए गए। बताया गया कि नाना पाटेकर ने क्षेत्र की खूबसूरत वादियों की जमकर तारीफ की और यहां भविष्य में अपना मकान बनाने की इच्छा जाहिर की थी। नाना से मिलने वाले स्थानीय लोगों के लिए यह सामान्य मुलाकात नहीं थी. होमस्टे के ओनर नरेंद्र सिंह राणा बताते हैं कि नाना पाटेकर इतने मजाकिया थे कि शुरू में लगता था वो सब को डांट रहे हैं. मगर, बातचीत में नाना का सहज और सरल अंदाज खास लगा. उनको लाता से खास दिलचस्पी रही. नरेंद्र ने बताया कि 7 दिन वह उनके होम स्टे में रुके और उन सात दिनों में उन्होंने अपना अलग से किचन डेवलप किया. उस किचन में वह सिर्फ चिकन मटन और सांभर बनाते थे. सबको डांट फटकार कर एक साथ बिठाकर सबको खिलाते थे. 7 दिनों तक होम स्टे में ठहरे. उनका मिजाज गुस्से वाला था, लेकिन प्यार भी बहुत करते थे. उत्तराखंड प्रवास के दौरान नाना पाटेकर देहरादून भी पहुंचे थे. यहां उन्होंने राज्य की प्राकृतिक खूबसूरती और लोगों के व्यवहार की तारीफ की थी. उसी समय सीएम पुष्कर सिंह धामी से उन्होंने मुलाकात की थी. और उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग के लिए बेहद उपयुक्त बताया था. आज जब 75 साल की उम्र में उनके निधन की खबर सामने आई है, तब करीब चार साल पुरानी वही बात फिर याद आती है. जोशीमठ की वादियों में अपना आशियाना बनाने का नाना पाटेकर का सपना उनके साथ ही अधूरा रह गया.
• वर्ष 2022 में वह एक मराठी फिल्म ‘ओले आले’ की शूटिंग के सिलसिले में चमोली जिले के जोशीमठ और नीती घाटी पहुंचे थे।
• घर बसाने की इच्छा: यहाँ की वादियों और प्राकृतिक सुंदरता को देखकर वे इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने स्थानीय लोगों के सामने उत्तराखंड में जमीन खरीदकर घर बनाने और पहाड़ों में बसने की इच्छा जताई थी।
• ऋषिकेश दौरा: 29 सितंबर 2022 को उन्होंने ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन का भी दौरा किया था।

2022 में बाबा केदारनाथ के दर्शन करने पहुंचे थे नाना पाटेकर

उत्तराखंड से नाना पाटेकर की कई खास यादें जुड़ी हुई हैं। वर्ष 2022 में फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में उत्तराखंड पहुंचे नाना पाटेकर ने बाबा केदारनाथ के दर्शन भी किए थे। चमोली जिले की चीन सीमा से लगी नीती घाटी में करीब नौ दिनों तक शूटिंग करने के बाद नाना पाटेकर रुद्रप्रयाग पहुंचे थे।इसके बाद नाना पाटेकर, अभिनेता सिद्धार्थ और अभिनेत्री सयाली संजीव समेत फिल्म की पूरी टीम हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंची। केदारनाथ पहुंचने के बाद नाना पाटेकर ने सबसे पहले बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और गर्भगृह में पूजा-अर्चना की।

दर्शन के बाद नाना पाटेकर ने स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों से भी मुलाकात की। इस दौरान उनके प्रशंसकों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और ऑटोग्राफ लिए। अभिनेता ने भी प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार करते हुए उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं।इस मौके पर तीर्थ पुरोहित हिमांशु तिवारी ने नाना पाटेकर को केदारनाथ मंदिर की स्मृति-चिह्न भेंट किया। बाबा केदार के दर्शन के बाद नाना पाटेकर भैरवनाथ मंदिर पहुंचे और वहां भी दर्शन किए। इसके बाद वह फिल्म की शूटिंग से जुड़ी तैयारियों में जुट गए।

नाना पाटेकर का उत्तराखंड से यह जुड़ाव उनकी यादों को और खास बनाता है। चमोली की वादियों से लेकर बाबा केदारनाथ के दरबार तक, उनके उत्तराखंड प्रवास की तस्वीरें और उनसे जुड़ी यादें अब उनके प्रशंसकों के लिए हमेशा यादगार रहेंगी।

जवानों के साथ लगाए थे ठहाके

शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने सेना ब्रिगेड में अधिकारियों और जवानों से भी मुलाकात की थी। उन्होंने मराठी और तेलुगु भाषी जवानों से उनकी अपनी बोली-भाषा में बातचीत कर माहौल को खुशनुमा बना दिया था। इस दौरान जवानों के साथ उन्होंने खूब हंसी-मजाक किया और ठहाके लगाए।स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाना पाटेकर बेहद सरल और सहज स्वभाव के थे। मलारी निवासी देव सिंह राणा और अग्गी राणा ने बताया था कि अभिनेता ने स्थानीय जीवनशैली में काफी रुचि दिखाई थी। उन्होंने यहां के रहन-सहन और मौसम के बारे में जानकारी ली और यहां मकान बनाने की बात कही थी।महेंद्र चौहान के मुताबिक, नाना पाटेकर के साथ उनकी करीब 15 मिनट तक बातचीत हुई थी। इस दौरान अभिनेता ने उत्तराखंड के तीर्थस्थलों और पर्यटन स्थलों के बारे में भी जानकारी ली थी।करीब नौ दिनों तक चमोली की वादियों में रहने के बाद नाना पाटेकर हेलिकॉप्टर से रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी के लिए रवाना हुए थे। उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों और यहां के लोगों के साथ बिताया उनका यह समय अब उनकी यादों का हिस्सा बन गया है।

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