खुरपिया औद्योगिक क्लस्टर का काम दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री धामी ने एनआईसीडीआईटी की बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा की, सड़क और विद्युत ढांचे के विकास पर जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर खुरपिया को उत्तराखण्ड के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के लिए परियोजना का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए निर्धारित 1002 एकड़ भूमि पूरी तरह एनयूआईटीएल के कब्जे में है और वर्तमान में परियोजना स्थल पर किसी प्रकार की बाधा नहीं है। मुख्यमंत्री धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास से नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की तृतीय शीर्ष निगरानी बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। बैठक में देश में औद्योगिक गलियारों से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति, उनके समयबद्ध क्रियान्वयन तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर खुरपिया की प्रगति और राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को प्रदेश के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के लिए 1002 एकड़ भूमि एनयूआईटीएल के कब्जे में है। परियोजना स्थल पर वर्तमान में किसी प्रकार की बाधा नहीं होने के कारण निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक आधार तैयार हो चुका है। उन्होंने बताया कि आईएमसी खुरपिया के विकास के लिए निर्माण, खरीद और इंजीनियरिंग संबंधी अनुबंध 20 मार्च 2026 को किया जा चुका है और निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। परियोजना के तहत 24.1 किलोमीटर मार्गाधिकार को साफ कर निर्माण ठेकेदार को उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके बाद सड़क निर्माण समेत अन्य आवश्यक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी बड़े औद्योगिक क्लस्टर की सफलता केवल औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तक सीमित नहीं होती। इसके लिए मजबूत सड़क संपर्क, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और आधुनिक आधारभूत ढांचे का होना भी आवश्यक है। इसी दृष्टि से राज्य सरकार आईएमसी खुरपिया से जुड़े बाहरी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि नागला किच्छा राज्य मार्ग 44 के करीब 10.7 किलोमीटर हिस्से को चार लेन किए जाने के लिए आवश्यक समन्वय और कार्यवाही की जा रही है। यह मार्ग आईएमसी खुरपिया को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के लिए पर्याप्त और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पिटकुल की ओर से 400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र के समयबद्ध निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क और विद्युत संपर्क से आईएमसी खुरपिया में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि आईएमसी खुरपिया के मुख्य आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के प्रत्येक चरण की लगातार निगरानी करने तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ गति बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएमसी खुरपिया उत्तराखण्ड में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना है। सरकार का प्रयास है कि परियोजना के विकास के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर मिलें तथा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो। उन्होंने भारत सरकार तथा राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम द्वारा गठित विशेष प्रयोजन माध्यम से परियोजना को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक सहयोग और समन्वय की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से आईएमसी खुरपिया को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश के अनुकूल औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार परियोजना से जुड़े सभी राज्य स्तरीय विषयों के समाधान के लिए तत्पर है। परियोजना के विकास में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए लगातार निगरानी और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आईएमसी खुरपिया आने वाले समय में उत्तराखण्ड के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के साथ निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उत्तराखण्ड में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। बैठक के दौरान सचिव विनय शंकर पाण्डेय भी उपस्थित रहे।
