मुख्यमंत्री धामी ने कहा : बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी गोहत्या और माता-पिता की हत्या जैसा पाप
दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी
देहरादून/हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि मंदिर में चढ़ावे की चोरी गोहत्या और माता-पिता की हत्या जैसे महापाप के समान है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आस्था से जुड़े इस प्रकार के अपराध को किसी भी स्थिति में माफ नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री बुधवार को हरिद्वार में प्रसिद्ध कथा वाचक मोरारी बापू से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बदरीनाथ मंदिर में चोरी जैसे प्रकरण से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। ऐसे मामलों में सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।उन्होंने बताया कि मामले की जांच पुलिस अपने स्तर पर कर रही है, जबकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का भी गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवस्थानों की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि बदरीनाथ धाम में थाली भेंट गणना के दौरान धनराशि उठाने के मामले में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की शिकायत पर आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।बीकेटीसी द्वारा पुलिस को सौंपे गए शिकायत पत्र में जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि आरोपी कर्मचारी ने सुबह करीब 9 बजे से 9:30 बजे के बीच थाली भेंट गणना स्थल से अवैध रूप से धनराशि उठाई थी। इसी आधार पर मंदिर समिति ने संबंधित कर्मचारी को पहले ही निलंबित कर दिया था।
सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच और कर्मचारियों से पूछताछ
मामले की जांच में जुटी बीकेटीसी की टीम ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की। जांच के दौरान करीब 40 दिन पुराने फुटेज का अवलोकन किया गया और थाली भेंट गणना प्रक्रिया से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि की बारीकी से पड़ताल की गई। इसके अलावा मंदिर समिति के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर घटनाक्रम की जानकारी जुटाई गई। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि दिनभर अलग-अलग चरणों में सीसीटीवी फुटेज का परीक्षण किया गया। जांच अब अंतिम चरण में है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
