मरीजों के चहेते डॉक्टर तिवारी का तबादला,मेडिकल कॉलेज में बढ़ी फिजिशियन की कमी
रुद्रपुर। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन एवं पूर्व प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक पीएमएस डॉ. एमके तिवारी का हल्द्वानी बेस अस्पताल में तबादला होने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में मायूसी है। वर्षों से अपनी सरल कार्यशैली, सटीक उपचार और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के कारण डॉ. तिवारी ने हजारों लोगों का भरोसा जीता था। उनके स्थानांतरण के बाद अब मेडिकल कॉलेज में फिजिशियन का पद रिक्त हो गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। डॉ. एमके तिवारी वर्ष 2019 से रुद्रपुर में अपनी सेवाएं दे रहे थे। ब्लड कैंसर, हृदय, श्वास और लीवर सहित जटिल बीमारियों के उपचार में उनकी विशेष पहचान रही। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी मरीज विशेष रूप से उन्हें दिखाने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचते थे। उनकी ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों की भीड़ रहती थी और कई बार लंबी कतारें लग जाती थीं। मरीजों का कहना है कि डॉ. तिवारी की जांच और उपचार से उन्हें हमेशा संतुष्टि मिली, इसलिए अधिकांश लोग उन्हीं से इलाज कराना चाहते थे। हाल ही में डॉ. तिवारी को प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक पीएमएस के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रशासनिक दायित्व बढ़ने के बावजूद उन्होंने मरीजों को देखना नहीं छोड़ा। प्रतिदिन 40 से 50 मरीजों की ओपीडी करने के साथ-साथ गंभीर मरीजों को भी समय देकर उपचार करते रहे। कार्यमुक्त होने के दिन भी उन्होंने अस्पताल में मरीजों को देखा और रास्ते में मिले लोगों को भी चिकित्सकीय परामर्श दिया। सोमवार को हल्द्वानी बेस अस्पताल में तबादले के बाद उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया। सीएमओ के आदेश पर वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट डॉ. अजय मोहन शर्मा को प्रभारी पीएमएस का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। हालांकि डॉ. तिवारी के जाने से मेडिकल कॉलेज में फिजिशियन का पद पूरी तरह खाली हो गया है। डॉ. तिवारी के स्थानांतरण के बाद मरीजों और उनके परिजनों में चिंता है। लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज पहले से ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में अनुभवी फिजिशियन के जाने से मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ सकता है। लोगों ने शासन और स्वास्थ्य विभाग से जल्द नए वरिष्ठ फिजिशियन की नियुक्ति करने की मांग की है, ताकि मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सके।
