किच्छा ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का खुलासा, तीन शातिर गिरफ्तार
नई बाइक के लालच में मफलर से घोंटा था गला
किच्छा (उद संवाददाता)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा के अपराधियों के विरुद्ध सख्त रुख के चलते कोतवाली किच्छा पुलिस ने 11 जनवरी को हुई सनसनीखेज ‘ब्लाइंड मर्डर’ की गुत्थी सुलझाते हुए दो शातिर हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया है। दोस्ती का ढोंग कर लूट की साजिश रचने और फिर निर्मम हत्या करने वाले इन आरोपियों के पास से पुलिस ने आला-ए-कत्ल मफलर, लूटी गई बाइक और मोबाइल बरामद किया है। भोजीपुरा से किच्छा के बीच बुना गया मौत का जाल मामले का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि 11 जनवरी को किच्छा क्षेत्र में एक अज्ञात युवक का शव मिला था, जिसकी शिनाख्त दिनेश कुमार पुत्र रूपलाल, निवासी बरेली (यूपी) के रूप में हुई। परिजनों के अनुसार दिनेश 9 जनवरी को अपनी बहन को रेलवे स्टेशन छोड़कर रुद्रपुर के लिए निकला था, लेकिन घर नहीं लौटा। एसएसपी के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने जब भोजीपुरा से किच्छा तक के करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो दिनेश अपनी बाइक पर दो अनजान युवकों के साथ दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर बरेली निवासी विजय पाल और रामपुर निवासी दीपक मौर्या को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अभियुक्तों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भोजीपुरा रेलवे स्टेशन के पास एक शराब की दुकान पर उनकी मुलाकात दिनेश से हुई थी। दिनेश की नई एचएफ डीलक्स (भ्थ् क्मसन॰म) मोटरसाइकिल देखकर उनके मन में लालच आ गया। उन्होंने दिनेश से दोस्ती का नाटक किया और साथ चलने को तैयार कर लिया। रास्ते में उन्होंने दिनेश को अत्यधिक शराब पिलाई और फिर एक सुनसान स्थान पर ले जाकर विवाद किया। मौका पाते ही दोनों ने मफलर से गला घोंटकर दिनेश को मौत के घाट उतार दिया और शव फेंककर उसकी बाइक व मोबाइल लेकर फरार हो गए। पहचान छुपाने के लिए उन्होंने बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई और उसे हल्द्वानी के राजपुरा क्षेत्र में मात्र 20 हजार रुपये में बेच दिया। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मफलर, मृतक का टूटा मोबाइल और फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने इस सफल अनावरण के लिए प्रभारी निरीक्षक प्रकाश सिंह दानू, उपनिरीक्षक जयप्रकाश चंद्र, पवन जोशी और एसओजी व सर्विलांस टीम की पीठ थपथपाई है। आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा के साथ लूट और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
