Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

दशहरा मेले की तैयारियों पर बारिश ने डाला खलल : कई जगह रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले भीगने से आयोजक परेशान

देहरादून/रूद्रपुर। प्रदेशभर में विजयदशमी की तैयारियां जोरों पर थीं, लेकिन दोपहर को अचानक बदले मौसम ने न सिर्फ आयोजकों की मेहनत पर पानी फेर दिया, बल्कि दशहरा मेले और रावण दहन की तैयारियों को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया। दोपहर के समय तेज हवाओं और झमाझम बारिश ने जहां एक ओर लोगों को राहत दी, वहीं दूसरी ओर रामलीला समितियों और दशहरा आयोजकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दीं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई रामलीला मैदानों और आयोजन स्थलों पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशालकाय पुतलों को पूरी सज-धज के साथ खड़ा किया जा चुका था, ताकि शाम को उन्हें परंपरागत रूप से अग्नि के हवाले किया जा सके। लेकिन बारिश ने तैयारियों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। प्रदेश के कई स्थानों में जहां पुतलों को पानी से बचाने के लिए तिरपाल और प्लास्टिक की मदद ली गई, वहीं कुछ जगहों पर भीगने से पुतले गलने लगे। आयोजकों ने कई स्थानों पर आनन-फानन में पुतलों को दोबारा नीचे लिटा कर तिरपाल से ढका, लेकिन तेज हवाओं के बीच ये प्रयास कई बार नाकाफी साबित हुए। रूद्रपुर- गांधी पार्क में दशहरा मेले की तैयारियां बीते कई दिनों से चल रही थीं। यहां रामपुर से आए कारीगरों ने 60, 65 और 75 फुट ऊंचे रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले तैयार किए थे। गुरूवार सुबह पुतलों को पूरी तरह खड़ा कर दिया गया था और शाम के कार्यक्रम की तैयारी अंतिम चरण में थी। लेकिन दोपहर करीब 12 बजे अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे पुतलों के भीगने और गलने का खतरा पैदा हो गया। आयोजकों ने तुरंत हरकत में आकर पुतलों को जमीन पर लिटाया और तिरपाल से ढकने की कोशिश की, लेकिन विशालकाय आकार और तेज हवाओं ने काम को मुश्किल बना दिया। बारिश के कारण गांधी पार्क के मैदान में पानी भर गया, जिससे स्टेज, साउंड, और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था भी प्रभावित हो गई। आयोजकों ने बताया कि बरसात की आशंका पहले से थी, लेकिन इतनी तेज बारिश की उम्मीद नहीं थी। पानी भरने से आयोजन स्थल की सफाई और तकनीकी व्यवस्थाओं में भी बाधा आई है। करीब एक घंटे तक हल्की से तेज बारिश के बीच जब मौसम खुला तो आयोजकों और श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। लेकिन पुतलों की स्थिति और ग्राउंड की हालत को लेकर चिंता बनी हुई थी समाचार लिखे जाने तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं हुआ था और बादल छाए हुए थे। बारिश के बावजूद लोगों में दशहरा को लेकर उत्साह बना हुआ है। आयोजकों का कहना है कि पुतलों को दोबारा खड़ा कर जलाया जायेगा। बहरहाल प्रदेश भर में चल रही रामलीलाओं में भी बारिश ने खलल डाला है। भारी बारिश के बीच एक बार तो ऐसा लगने लगा था कि अगर मौसम ने साथ नहीं दिया, तो रावण दहन का कार्यक्रम स्थगित या संक्षिप्त रूप में करना पड़ सकता है। फिल्हाल विजयदशमी की तैयारियों को बारिश ने जरूर चुनौती दी है, लेकिन श्रद्धा, उत्साह बरकरार है। आयोजक उम्मीद कर रहे हैं कि शाम तक मौसम साफ होगा और रावण दहन का आयोजन उसी उत्साह से होगा, जिसके लिए तैयारियां की गई थीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *