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नगला क्षेत्र में अतिक्रमण से प्रभावित भूमि के स्वत्व निर्धारण एवं चिन्हीकरण के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन

पंतनगर। जनपद ऊधम सिंह नगर के नगर पालिका नगला क्षेत्र में अतिक्रमण से प्रभावित भूमि के स्वत्व निर्धारण एवं चिन्हीकरण के लिए शासन स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति का उद्देश्य क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति का गहन अध्ययन कर निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से भूमि के वास्तविक स्वामित्व का निर्धारण करना है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या अव्यवस्था की स्थिति न उत्पन्न हो।समिति में कुमाऊँ मण्डल के आयुक्त नैनीताल को अध्यक्ष नामित किया गया है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर, प्रभागीय वनाधिकारी ऊधम सिंह नगर तथा अधीक्षण अभियंता चतुर्थ वृत्त, लोक निर्माण विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।इसी क्रम में मंगलवार को मण्डलायुक्त दीपक रावत के नेतृत्व में समिति की टीम ने नगला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अतिक्रमण प्रभावित क्षेत्रों का गहन परीक्षण किया गया तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध तथ्यों और अभिलेखों का संज्ञान लिया गया। इस अवसर पर मण्डलायुक्त ने कहा कि शासन की मंशा है कि नगर पालिका नगला क्षेत्र में भूमि से संबंधित सभी विवादों को त्वरित और पारदर्शी तरीके से निस्तारित किया जाए।मण्डलायुक्त ने कहा कि शासन स्तर से एक समिति बनी है जो वर्तमान में नगर पालिका नगला की में भूमि की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए बनी है। जैसे कि किसका स्वामित्व कहा पर है। उन्होंने बताया कि संज्ञान में आया है कि बात करे हितधारकों की तो यह प्रकाश में आया है कि कुछ भूमि वन विभाग की, लो0नि0वि0 की सड़क, और यह भी प्रकाश में आया है कि कभी तराई स्टेट फार्म के नाम पर कोई जमीन रही होगी। श्री रावत ने बताया कि वर्ष 1960 के आसपास लो0नि0वि0 के द्वारा कुछ चालान की कार्यवाही भी की गई है जिसमे यह स्पष्ट है कि जो उस समय सड़क रही होगी उसके मध्य बिंदु से दोनों तरफ 50-50 फिट सड़क को माना गया है, ऐसे कई नोटिस है, जो वैधानिक है। मण्डलायुक्त ने बताया कि आज निरीक्षण के उपरांत यह तय किया गया है कि उन नोटिसों के आधार पर उस समय जो भी सड़क की चौड़ाई रही होगी उसमे मध्य रेखा के हिसाब से दोनों तरफ 50-50 फीट चिन्हित कर लेंगे। उसके अंतर्गत जो भी निर्माण जद में आते हैं उनको निश्चित रूप से अतिक्रमण माना जायेगा, और अतिक्रमण कारियों से अनुरोध किया जाएगा अतिक्रमण को स्वतः हटा लें। उन्होंने कहा कि यदि और अधिक एवं विस्तृत रूप से सर्वे की आवश्यकता होती है तो सर्वे ऑफ इंडिया से भी सर्वे कराएंगे ताकि इस प्रश्न का हल निकल सके कि वन विभाग की सीमा कहाँ तक है। उन्होंने बताया कि चूंकि त्यौहारों का सीजन चल रहा है जिसके दृष्टिगत इस कार्यवाही को अभी न कर त्यौहारों के उपरांत करें। निरिक्षण दौरान उन्होंने लो0नि0वि0 अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्यौहारों के उपरांत चिन्हीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करें, उसके उपरांत सर्वे ऑफ इंडिया से भी सर्वे कराया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, प्रभागीय वनाधिकारी यू सी तिवारी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट, गौरव पांडेय, अध्यक्ष नगर पालिका नगला सचिन शुक्ला, तहसीलदार गिरीश त्रिपाठी, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

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