हाईकोर्ट के रिटायर जज की निगरानी में होगी एसआईटी जांच, एक माह में सरकार को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
UKSSSC परीक्षा, 2025 में कथित नकल के आरोपों की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा एक विशेष अन्वेषण दल गठित किया
देहरादून। बीते रविवार को सम्पन्न उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में सामने आई शिकायतों की जांच एसआईटी करेगी। यह जांच हाईकोर्ट के रिटायर जज के पर्यवेक्षण में सम्पन्न की जाएगी। मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने बुधवार को मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार के लिए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और शुचिता के साथ ही अभ्यर्थियों का हित सर्वापरी है। इसी क्रम में गत रविवार को सम्पन्न परीक्षा में सामने आई शिकायतों की जांच एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी द्वारा कराई जाएगी। उक्त एसआईटी का कार्यक्षेत्र पूरा प्रदेश होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि जांच निष्पक्ष ढंग से हो इसके लिए यह भी एसआईटी जांच की निगरानी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज के द्वारा की जाएगी। सेवानिवृत्त जज और एसआईटी सभी जिलों में जाएंगे, इस दौरान कोई भी व्यक्ति उन तक परीक्षा से संबंधित तथ्य और सूचना दे सकता है। उन्होंने बताया कि जांच एक माह में सम्पन्न की जाएगी, तब तक के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से परीक्षा के संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही विवादों के केंद्र में स्थित हरिद्वार के परीक्षा केंद्र पर जिस भी व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए छात्रों का हित सबसे ऊपर है। साथ ही यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि छात्रों और आमजन का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बना रहे। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 में कथित नकल के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा एक विशेष अन्वेषण दल गठित किया गया है। यह दल मामले की समुचित जांच करेगा और एक माह के भीतर शासन को अपनी आख्या प्रस्तुत करेगा। विशेष अन्वेषण दल एसआईटी में श्रीमती जया बलूनी, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, देहरादून अध्यक्ष के रूप में शामिल हैं। सदस्यः श्री अंकित कंडारी, क्षेत्राधिकारी, देहरादून, सदस्यः श्री लक्ष्मण सिंह नेगी, निरीक्षक, स्थानीय अभिसूचना इकाई, देहरादून, सदस्यः श्री गिरीश नेगी, उप निरीक्षक / थानाध्यक्ष, रायपुर, देहरादून एवं सदस्यः श्री राजेश ध्यानी, उप निरीक्षक, साईबर पुलिस स्टेशन, देहरादून शामिल होंगे। अध्यक्ष समय-समय पर यथासम्भव अन्य अधिकारियों और विशेषज्ञों का सहयोग भी ले सकते हैं। विशेष अन्वेषण दल का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण प्रदेश होगा और यह विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचना, शिकायत, तथ्य आदि का परीक्षण करेगा। इस दल द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी, और एक माह के भीतर इसकी रिपोर्ट शासन को सौंप दी जाएगी। शासन इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा। वही पेपर की फोटो बाहर आने के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर मजिस्ट्रेट केएन तिवारी निलंबित किया है। वह अब आयुक्त कार्यालय पौड़ी संबद्ध रहेंगे। परीक्षा के दौरान लापरवाही बरतने के चलते की यह कार्रवाई की गई है।
