काशीपुर के बाद रुद्रपुर में भी जमाव और बवाल के कनेक्शन का अंदाजा लगाने में असफल रही पुलिस
रुद्रपुर। अक्सर ही देखा गया है कि जरा- सी असावधानी के चलते कोई जन जमाव, उपद्रव में और उपद्रव बड़े बवाल में तब्दील हो जाता है। ऐसे में किसी क्षेत्र विशेष में होने वाले जन जमाव को लेकर पुलिस प्रशासन पहले ही आवश्यक प्रबंध कर लेता है और जन जमाव के दौरान कानून व्यवस्था को बिगड़ने से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी भी बरती जाती है। मगर बीते दिनों काशीपुर में आई लव मोहम्मद जुलूस को रोकने के दौरान पुलिस पर हुए आक्रमण और गुजरे दिन रुद्रपुर में छात्रें के नामांकन जुलूस के बीच हवाई फायरिंग जैसी गंभीर घटनाओं को देखते हुए ऐसा जान पड़ने लगा है जैसे उधम सिंह नगर का पुलिस प्रशासन जन जमाव की पूर्व सूचना पर ना तो कोई अग्रिम तैयारी ही करता है और ना ही हालात बेकाबू होने के बाद की स्थिति से निपटने की किसी रणनीति का निर्माण। और तो और ऐसे किसी जन जमाव अथवा प्रस्तावित जुलूस के पहले प्रशासन की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट भी अपना काम बखूबी नहीं करती। बीते रोज रुद्रपुर में छात्रें की नामांकन रैली के बीच हुई परस्पर हवाई फायरिंग की घटना को ही लें, तो पुलिस को यह पहले ही मालूम था कि छात्रें की नामांकन रैली में अच्छी खासी संख्या में छात्र एकत्रित होंगे। ऐसे में छात्रें की नामांकन रैली के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की जानी चाहिए थी, लेकिन जब छात्रें दो गुटों के बीच संघर्ष की स्थिति निर्मित हुई तो मौके पर आवश्यक पुलिस बल मौजूद नहीं था ।गनीमत तो यह रही कि छात्रें के दोनों गुटों के बीच केवल हवाई फायरिंग ही हुई ।अगर कहीं यह फायरिंग एक दूसरे को टारगेट करके की जाती तो हालात और भी विस्फोटक हो सकते थे। खास बात तो यह है कि अभी हाल में ही छात्र संघ चुनाव की आपसी रंजिश के चलते रुद्रपुर में ही एक छात्र गोली मारकर घायल कर दिया गया था। उपरोक्त घटना को ध्यान में रखते हुए पुलिस को तो छात्रें को के जुलूस को लेकर वैसे ही अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए थी। मगर पुलिस ने छात्रें की नामांकन रैली को बड़े ही हल्के में लिया नतीजतन जुलूस में हवाई फायरिंग जैसे हालात निर्मित हो गए। पुलिस द्वारा ऐसी ही लापरवाही पिछले दिनों काशीपुर में आई लव मोहम्मद जुलूस को रोकने की कोशिश के दौरान भी की गई। तब पुलिस एक बेहद संवेदनशील इलाके में बिना किसी तैयारी के ,एक ऐसे जन जमाव को तितर बितर करने की मंशा से मौके पर पहुंची थी, जो पहले से ही उपद्रव के लिए कुख्यात है। नतीजा यह हुआ की पुलिस की समझाइश पर उपद्रवियों ने पुलिस कर्मियों पर आक्रमण कर दिया तथा पुलिस के वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हैरत की बात तो यह है कि इतनी बड़ी घटना की गुपचुप तैयारी कर उसे अंजाम भी दे दिया गया और प्रशासन की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को इस तैयारी की भनक भी नहीं लगी । हालांकि काशीपुर की घटना के बाद पुलिस द्वारा बेहद सख्त एक्शन लिया गया और संबंधित लोगों की धर पकड़ भी की गई है तथा रुद्रपुर में हुई फायरिंग की घटना के बाद भी पुलिस आवश्यक कानूनी कार्यवाही करने में जुटी हुई है, लेकिन ऐसे संवेदनशील मौको पर पुलिस द्वारा बार-बार की जा रही लापरवाही किसी दिन किसी बड़े बवाल का बायस बन सकती है।
