उत्तराखण्ड पुलिस ने “ऑपरेशन कालनेमि” अभियान के तहत 5500 से अधिक लोगों का किया सत्यापन,14 से अधिक गिरफ्तार
असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्यवाही, जनता की सुरक्षा और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा सर्वोपरि : नीलेश आनन्द भरणे
देहरादून। देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर और मूल स्वरूप को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री के निर्देशन में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा चलाया जा रहा *ऑपरेशन कालनेमि* राज्यभर में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्यवाही करना है, जो अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर समाज में घुलमिलकर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे थे और ठगी, धोखाधड़ी एवं धर्मान्तरण जैसे अपराधों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था नीलेश आनन्द भरणे ने प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी दी कि प्रदेशभर में इस अभियान के तहत अब तक 5500 से अधिक लोगों का सत्यापन किया जा चुका है। इनमें से 14 से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 1182 लोगों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही अमल में लाई गई है। बड़ी संख्या में संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच की गई है और ठगी से जुड़े मामलों का पर्दाफाश किया गया है।उन्होंने बताया कि इस अभियान का प्रभाव विशेष रूप से उन जिलों में अधिक दिखाई दे रहा है, जहां बाहरी तत्वों की सक्रियता की सूचना मिली थी। हरिद्वार जिले में अब तक 2704 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया और इनमें से तीन को गिरफ्तार किया गया, वहीं देहरादून जिले में 922 लोगों का सत्यापन करते हुए पांच गिरफ्तारियां की गईं। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल और अन्य जिलों में भी पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है। आईजी भरणे ने कहा कि *ऑपरेशन कालनेमि* ने समाज में यह सकारात्मक संदेश दिया है कि उत्तराखण्ड पुलिस किसी भी ऐसे तत्व को बख्शने के पक्ष में नहीं है, जो देवभूमि की पवित्रता और जनता की आस्था के साथ छल करता है। पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है कि देवभूमि की पवित्र छवि अक्षुण्ण बनी रहे। इसी दिशा में प्रदेश के प्रत्येक जिले में सतत निगरानी और सघन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज और संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी और यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

