स्यानाचट्टी में मलबा आने से बनी झील : कस्बे में भर गया पानी लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा
स्यानाचट्टी में मलबा आने से बनी झील को खोलने के प्रयास निरंतर जारी
उत्तरकाशी।मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन को स्यानाचट्टी में मलबा आने से बनी झील से जल निकासी हेतु जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाते हुए चैनेलाइजेशन के लिए समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। स्यानाचट्टी के पास कुपड़ा खडडे में मलबा आने से यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते करीब 60 लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। वहीं निचले इलाकों कुथनौर और खरादी के लोग भी अपने गांवों की ओर चले गए हैं। मौसम साफ होने के बावजूद बृहस्पतिवार को कुपड़ा नाले से दोबारा मलबा और पत्थर बहकर आए जिससे नदी का बहाव रुक गया। इससे पीछे बनी करीब 400 मीटर लंबी और 300 मीटर चौड़ी झील का जलस्तर बढ़ने से स्यानाचट्टी कस्बे में पानी भर गया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तथा सभी एहतियाती कदम उठाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षित स्थानों में ठहराए गए लोगों के साथ ही स्यानाचट्टी के निवासियों के लिए भोजन, रसोई गैस, दवाईयों के साथ ही पेट्रोल व डीजल तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी में मलबा आने से बनी झील को खोलने के प्रयास निरंतर जारी हैं। झील के एक हिस्से को खोलने के लिए पीडब्ल्यूडी, एसडीआरएफ, सिंचाई विभाग और अन्य सम्बंधित एजेंसियां जुटी हैं। पिछले एक घंटे में झील के जलस्तर में लगभग 2 फुट तक कमी आई है।उन्होंने बताया कि वर्तमान में नदी के एक हिस्से से पानी की निकासी हो रही है। दलदल होने के कारण चैनेलाइजेशन अभी संभव नहीं हो पाया है। राहत और बचाव दलों द्वारा अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय लोगों से धैर्य बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरफ, फायर तथा सिंचाई विभाग की टीम राफ्ट के जरिए ग्राउंड जीरो पर पहुंच गई हैं।वहीं मलबा आने से निर्मित झील को जल्द से जल्द खोलने हेतु एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन, पीडबल्यूडी की टीमें मौके पर मौजूद हैं। पूरे क्षेत्र की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। उत्तरकाशी जनपद के जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य भी मौके पर मौजूद हैं। स्वास्थ्य, राजस्व, खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम भी ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद हैं। जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य ने स्यानाचट्टी के लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। जल्द ही झील के पानी की निकासी कर दी जाएगी। प्रशासन द्वारा लोगों के लिए सभी सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं।
उत्तरकाशी।मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन को स्यानाचट्टी में मलबा आने से बनी झील से जल निकासी हेतु जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाते हुए चैनेलाइजेशन के लिए समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। स्यानाचट्टी के पास कुपड़ा खडडे में मलबा आने से यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते करीब 60 लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। वहीं निचले इलाकों कुथनौर और खरादी के लोग भी अपने गांवों की ओर चले गए हैं। मौसम साफ होने के बावजूद बृहस्पतिवार को कुपड़ा नाले से दोबारा मलबा और पत्थर बहकर आए जिससे नदी का बहाव रुक गया। इससे पीछे बनी करीब 400 मीटर लंबी और 300 मीटर चौड़ी झील का जलस्तर बढ़ने से स्यानाचट्टी कस्बे में पानी भर गया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तथा सभी एहतियाती कदम उठाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षित स्थानों में ठहराए गए लोगों के साथ ही स्यानाचट्टी के निवासियों के लिए भोजन, रसोई गैस, दवाईयों के साथ ही पेट्रोल व डीजल तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी में मलबा आने से बनी झील को खोलने के प्रयास निरंतर जारी हैं। झील के एक हिस्से को खोलने के लिए पीडब्ल्यूडी, एसडीआरएफ, सिंचाई विभाग और अन्य सम्बंधित एजेंसियां जुटी हैं। पिछले एक घंटे में झील के जलस्तर में लगभग 2 फुट तक कमी आई है।उन्होंने बताया कि वर्तमान में नदी के एक हिस्से से पानी की निकासी हो रही है। दलदल होने के कारण चैनेलाइजेशन अभी संभव नहीं हो पाया है। राहत और बचाव दलों द्वारा अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय लोगों से धैर्य बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरफ, फायर तथा सिंचाई विभाग की टीम राफ्ट के जरिए ग्राउंड जीरो पर पहुंच गई हैं।वहीं मलबा आने से निर्मित झील को जल्द से जल्द खोलने हेतु एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन, पीडबल्यूडी की टीमें मौके पर मौजूद हैं। पूरे क्षेत्र की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। उत्तरकाशी जनपद के जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य भी मौके पर मौजूद हैं। स्वास्थ्य, राजस्व, खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम भी ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद हैं। जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य ने स्यानाचट्टी के लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। जल्द ही झील के पानी की निकासी कर दी जाएगी। प्रशासन द्वारा लोगों के लिए सभी सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं।
