कारगिल युद्ध में घायल हुए मान सिंह मेहता को अंग वस्त्र भेट कर सम्मानित किया
रुद्रपुर। कारगिल विजय दिवस शौर्य दिवस के रूप मे पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक स्थल मे श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर मेयर विकास शर्मा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, एसपी क्राइम निहारिका तोमर, एसपी सिटी डॉ0 उत्तम सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, एएसपी अभय प्रताप, आरडी मठपाल, उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सीपी कोठारी, पुलिस विभाग एवं विभिन्न विभागो के अधिकारियो व भूतपूर्व सैनिको द्वारा कारगिल युद्ध मे शहीद हुए जनपद के हवलदार पदम राम व राइफलमैन अमित नेगी के चित्रे पर पुष्पचक्र व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजली दी व कारगिल युद्ध में घायल हुए मान सिंह मेहता को अंग वस्त्र भेट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कारगिल दिवस के शहीदो को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा सर्वाेपरि है, जिन जवानो, सैनिकों ने देश की सुरक्षा में सर्वाेच्च बलिदान किया है, हमें उन पर गर्व करना चाहिए । जिन वीर सैनिको ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किये, उन्हें याद करने के साथ उनकी कुर्बानी को भी याद रखना चाहिये तथा युवा पीढ़ी कोे इससे सीख लेनी चाहिए। उन्होने कहा कि शहीदों व सैनिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निदान किया जाएगा। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सीपी कोठारी ने वर्ष 1999 मे हुए कारगिल युद्ध के कारणों एवं कारगिल विजय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कारगिल युद्ध मे भारतीय सेना ने अपने अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए जीता। उन्होंने बताया इस युद्ध मे देश के 30 हजार सैनिकों ने भाग लिया, युद्ध में देश के 527 जवान शहीद हुए जिसमे प्रदेश के 75 व जनपद के 02 जवान शामिल हैं। इस युद्ध मे देश के 1363 जवान घायल हुए। उन्होंने बताया कि इस युद्ध मे शहीद हुए जवानों की स्मृति मे प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल दिवस शौर्य दिवस के रूप मे मनाया जाता है। इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने कहा कि कारगिल विजय दिवस देश के गौरवशाली इतिहास का वह अध्याय है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह दिन न केवल हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस और बलिदान की याद दिलाता है, बल्कि देश की भावी पीढ़ियों को प्रेरणा भी देता है। वर्ष 1999 में कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर हमारे जांबाज सैनिकों ने विषम परिस्थितियों में भी अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मन को पीछे खदेड़ा और देश की सीमाओं की रक्षा की। यह दिन देशवासियों के लिए गर्व, श्रद्धा और आत्मसम्मान का प्रतीक है। महापौर ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का प्रत्येक नागरिक गर्व से कह सकता है कि यह भूमि वीर जवानों की जननी है। यहां का लगभग हर गांव किसी न किसी सैनिक या पूर्व सैनिक से जुड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से सैनिकों एवं उनके परिजनों के लिए किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वयं एक सैनिक पुत्र होने के नाते मुख्यमंत्री धामी ने सैनिक सम्मान को प्राथमिकता दी है। धामी सरकार द्वारा परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली सम्मान राशि को 50 लाख से बढ़ाकर 1-5 करोड़ रुपये करना एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो सैनिकों के प्रति राज्य सरकार की गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है। महापौर ने कहा कि सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सम्मान में प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उत्तराखंड को आज ‘देवभूमि’ के साथ-साथ ‘सैन्यभूमि’ के रूप में भी जाना जाने लगा है, जो इस प्रदेश के गौरव को और बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव रखे, क्योंकि उन्हीं के कारण आज हम सुरक्षित और स्वतंत्र वातावरण में जीवन व्यतीत कर पा रहे हैं। शौर्य दिवस के अवसर पर जनपद में शिक्षण संस्थाओं द्वारा कारगिल युद्ध/देशभक्ति से संबंधित चित्रकला, निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता तथा खेल विभाग द्वारा आयोजित क्रास कन्ट्री प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। निबंध प्रतियोगिता में कु0 सोनिया ध्यानी प्रथम, कु- खुशी राठौर द्वितीय व कु- अस्मिता सिंह तृतीय रहीं, भाषण प्रतियोगिता में महिता प्रथम, दीपा रस्तोगी द्वितीय व सानिया तृतीय रहीं तथा चित्रकला में वंशिका वर्मा प्रथम, भूमि सिंह द्वितीय व सुमित तृतीय स्थान पर रहे। इसके साथ ही क्रॉस कंट्री रेस में ओपन बालक वर्ग में सोलित कुमार प्रथम, पुष्कर चंद्र द्वितीय, व अनुपम तृतीय रहे तथा ओपन बालिका वर्ग में अजरा बी पाशा प्रथम, दीपा द्वितीय व पल्लवी तृतीय स्थान पर रहीं जिन्हें कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में सहायक अधिकारी सुन्दर सिंह, पूर्व सैनिक सूबेदार खड़क सिंह कार्की, पू-सै- किशन सिंह रावत, भरत सिंह खाती, रूप सिंह अधिकारी, मनोज कुमार पांडेय, गिरधर सिंह, सुनील कुमार, सुदर्शन सिंह, गिरीश भट्टð, लक्ष्मण सिंह, अजय कुमार सहित पुलिस जवान आदि मौजूद थे।
