समाज सेवा में अद्वितीय योगदान के लिए सुभाष तनेजा को मिला विशेष सम्मान
पंजाबी समाज ने किया सम्मान समारोह का आयोजन : 1796 चिताएं बना चुके है तनेजा, घर से नहलाने से लेकर शमशान के सारे काम करते हैं ये सुभा तनेजा
किच्छा । जहाँ एक तरफ बदलते जमाने के दौर में हर कोई कामयाबी, दौलत, शोहरत के पीछे भागता दिखाई दे रहा है और इस भागम भाग में उसके अपने उससे पीछे छूटते जा रहे है, तो वही शहर किच्छा की भूमि ने एक ऐसे लाल को जन्म दिया, जिसने अपना पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित कर मिसाल कायम करने का काम किया है। हम बात कर रहे हैं भारतीय जनता पार्टी के नेता, वरिष्ठ समाजसेवी, धर्म कर्म के कार्या में समर्पित एक ऐसे व्यक्ति की जिसने न कभी दिन देखा न रात, बस जब भी किसी ने मदद माँगी या इनको पता चला कि किसी को कोई परेशानी है तो उसकी सहायता के लिए आगे आकर सहयोग किया। किच्छा के वरिष्ठ समाज सेवी सुभाष तनेजा किसी पहचान के मोहताज नहीं है, उनके द्वारा किया गए आज तक के समाज सेवा के कार्या को सर्व समाज के लोगों द्वारा हमेशा सराहा जाता है। समाज सेवी सुभाष तनेजा का यह सम्मान केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि उन सभी मूल्यों को सम्मानित करता है जो आज के समाज में दुर्लभ होते जा रहे हैं ,निस्वार्थ सेवा, धर्म के प्रति आस्था, राष्ट्रीयता और मानवता के लिए निष्ठा। पंजाबी समाज का यह आयोजन निश्चित ही समाज के युवाओं में चेतना और प्रेरणा का संचार करेगा। समाज सेवी सुभाष तनेजा का जीवन यह सिद्ध करता है कि यदि इच्छा हो, तो एक आम नागरिक भी असाधारण कार्यों के माध्यम से समाज की दिशा बदल सकता है।
पंजाबी समाज ने समाजसेवी तनेजा को किया सम्मानित
किच्छा। समाज सेवा और राष्ट्रीय मूल्यों के लिए अपने जीवन को समर्पित करने वाले सुभाष तनेजा को आज पंजाबी समाज द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक योगदानों के लिए दिया गया, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं। श्री तनेजा का योगदान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने कई राष्ट्रीय और सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई समाज सेवी तनेजा ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में भी उनका बेहद सक्रिय योगदान रहा और आज वो राज्य आंदोलनकारी भी हैं पर वर्तमान में पंजाबी महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य है।
सेवा, समर्पण और संस्कारों की जीती-जागती मिसाल
किच्छा। समाजसेवा, राष्ट्रसेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व सुभाष तनेजा को आज पंजाबी समाज द्वारा विशेष सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके जीवनपर्यंत योगदान, धार्मिक निष्ठा, और समाजहित में किए गए कार्यों के लिए दिया गया, जिनका प्रभाव आज भी क्षेत्र और समाज पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। सुभाष तनेजा का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की मिसाल रहा है। वे न केवल सामाजिक और धार्मिक आंदोलनों से जुड़े रहे हैं, बल्कि जब-जब राष्ट्र को जरूरत पड़ी, वे अग्रिम पंक्ति में खड़े दिखाई दिए।
इन इन लोगों ने समाज सेवी तनेजा को किया सम्मानित
किच्छा। वरिष्ठ समाजसेवी सुभाष तनेजा को सम्मानित करने वालो में किच्छा के तेज तर्रार विधायक तिलक राज बेहड़ पूर्व मंत्री उत्तराखंड सरकार, शहर के प्रमुख उद्योग्यपति दर्शन ठुकराल, सतीश मंगला, सुरेश ढींगरा बाबू भाई, मदन मदान, रमेश मिद्धा, सुरेन्द्र गांधी, राजेश बंसल, वरिष्ठ पत्रकार सुरजीत सिंह कामरा, किच्छा शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले वरिष्ठ डॉ आर एस कामरा, पंजाबी महासभा के अध्यक्ष प्रवीन रहेजा, महामंत्री पंडित अनिल शर्मा, राज कुमार तनेजा, सतीश खुराना, नरेंद्र चितकारा, विजय सुखीजा, राजेश मिगलानी, गायरसी बंसल, दिनेश मित्तल बल्लू मित्तल, राजेंद्र अरोरा, सुरेश पपनेजा, नारायण सिंह बिस्ट पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस सहित अन्य लोगो ने स्वागत किया । यह कार्यक्रम रूद्रपुर रोड पर स्थित ग्रैंड हैरिटेज होटल में पंजाबी सभा द्वारा आयोजित किया गया ।
1746 चिताए बना चुके हैं तनेजा
किच्छा। जहाँ अक्सर देखने में और सुनने में आता है कि लोग अपने रिश्तेदार, और कभी कभी तो अपने भी, मृत्य व्यक्ति के शरीर को स्पर्श करने से कतराते है, तो वही समाज सेवी सुभाष तनेजा आजतक 1746 चिताए बना चुके है यही नहीं, मृत्य व्यक्ति को घर से स्नान कराने से लेके शमशान तक के सारे कार्य समाजसेवी सुभाष तनेजा द्वारा किया जाता है । जो बेहद ही सराहनीय काम है, कहना आसान होता है, लेकिन ये कार्य हर कोई नहीं कर सकता।
तनेजा के दोनों बेटे उच्च न्यायालय में अधिवक्ता
किच्छा। वरिष्ठ समाज सेवी और भाजपा के फायर ब्रांड नेता सुभाष तनेजा के दो बेटे और दो बेटिया है, उनकी धर्म पत्नी एक हाउस वाइफ है, तथा दोनों पुत्रियों का विवाह हो चुका है। आपको बताते चले की, इनके दोनों पुत्र उच्य न्यायालय ने अधिवक्ता के रूप में कार्य कर रहे है, बड़ा बेटा उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल में तो छोटा बेटा दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत है ।
