सीएम धामी ने किया ‘संवाद एप’ का लोकार्पणः पुलिस बल की मानसिक सुदृढ़ता के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा मिशन संवाद
पुलिस बल के मानसिक सशक्तिकरण के लिए आईजी रिद्धिम अग्रवाल की अभिनव पहल
खटीमा (उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा में पुलिस कार्मिकों के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘मिशन संवाद’ का शुभारंभ किया। इस दौरान डीजीपी दीपम सेठ वीडियो कांफ्रेसिंग से जुड़े रहे जबकि आईजी कुमांऊ रिद्धिम अग्रवाल मौके पर मौजूद रही। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों से बातचीत की। इस दौरान ‘संवाद ऐप’ का भी लोकार्पण किया, जो पुलिसकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, तनाव प्रबंधन, और भावनात्मक सहयोग प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुलिसकर्मी विषम परिस्थितियों में दिन-रात जनसेवा और सुरक्षा में डटे रहते हैं। उनके योगदान को सम्मान देने हेतु उनके मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। संवाद इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है। आने वाले समय में प्रदेशभर में मिशन संवाद जैसे कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा ताकि हर जिले में पुलिस बल को यह सुविधा सुलभ हो सके। इस अवसर पर कुमायूँ कमिश्नर दीपक रावत, एसएसपी ऊधमसिंहनगर, एसएसपी अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा, एसपी चंपावत अजय गणपति, तथा ऊधमसिंहनगर के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही कुमायूँ परिक्षेत्र के समस्त पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी एवं गढ़वाल परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारी के साथ साथ सभी पी.ए.सी./आई.आर.बी0 वाहिनियों के सेनानायक भी वर्चुअल गोष्ठी के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘स्वस्थ उत्तराखण्ड -सशक्त भारत’ के विजन को साकार करने के लिए ‘मिशन संवाद’ की शुरुआत आईजी कुमायूँ रेंज श्रीमती रिद्धिमा अग्रवाल के प्रयासों से की गई है। कार्यक्रम को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने हेतु मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्था स्कूल ऑफ लाइफ के अनुभवी मनोवैज्ञानिकों से सहयोग लिया गया है। यह संस्था मानसिक स्वास्थ्य, काउंसलिंग, तनाव प्रबंधन और जीवनशैली में सुधार के क्षेत्र में विगत कई वर्षों से कार्यरत है। कुमायूँ क्षेत्र की कठिन भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों में कार्यरत पुलिस कर्मियों को अत्यधिक मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। फ्मिशन संवादय् का उद्देश्य इन चुनौतियों के बीच मानसिक रूप से सशक्त बल का निर्माण करना है। प्रथम चरण में जनपद नैनीताल एवं ऊधमसिंहनगर में कार्यशालाएं आयोजित होंगी। इनमें पुलिसकर्मी प्रत्यक्ष रूप से तथा दूरस्थ क्षेत्र के कर्मचारी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से भाग लेंगे। संवाद टीम मानसिक स्वास्थ्य का मूल्यांकन कर समाधान की दिशा में कार्य करेगी। द्वितीय चरण में प्रारंभिक रूप से तनावग्रस्त कार्मिकों की पहचान कर उन्हें समुचित परामर्श, योग, ध्यान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव हेतु सहयोग दिया जाएगा।तृतीय चरण में गंभीर तनावग्रस्त मामलों की गहन काउंसलिंग की जाएगी, जिसमें परिवार को भी सम्मिलित किया जाएगा। इस प्रक्रिया की नियमित निगरानी संवाद ऐप के माध्यम से की जाएगी। कार्यक्रम की प्रभावशीलता, सुलभता और गोपनीयता सुनिश्चित करने हेतु ‘संवाद ऐप’ विकसित किया गया है, जो कुमायूँ परिक्षेत्र के समस्त पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के मोबाइल पर इंस्टॉल कराई जाएगी। इस ऐप में पूर्व से ही सभी पुलिस कार्मिकों का नाम, पद, तैनाती स्थल और मोबाइल नंबर का विवरण सुरक्षित किया गया है। इससे प्रत्येक कार्मिक की व्यक्तिगत पहचान सुनिश्चित करते हुए उन्हें गोपनीय परामर्श सेवा उपलब्ध कराना संभव होगा। कार्मिक इस ऐप के माध्यम से कभी भी, कहीं से भी अपने मानसिक स्वास्थ्य या कार्य संबंधित समस्याएं साझा कर सकते हैं। प्राप्त जानकारी का संवाद टीम द्वारा विश्लेषण कर विशेषज्ञों की मदद से त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह ऐप उत्तराखण्ड पुलिस के लिए एक डिजिटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम के रूप में कार्य करेगा, जो न केवल मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी करेगा, बल्कि संगठन की उत्तरदायित्व भावना, कार्यक्षमता एवं आत्मबल में भी वृद्धि करेगा। कार्यक्रम की समुचित क्रियान्वयन हेतु कुमायूँ परिक्षेत्र के प्रत्येक जनपद में संवाद टीम से समन्वय हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस विभाग में कार्यरत हर एक कर्मी और उसका परिवार फ्केवल एक यूनिट नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारीय् है। कुमायूँ की जटिल भौगोलिक परिस्थितियों में कार्यरत पुलिस बल लंबे समय से अत्यधिक मानसिक दबाव का सामना करता आया है। फ्मिशन संवादय् इसी पीड़ा का हल है। यह पहल एक महिला नेतृत्व की संवेदनशीलता और प्रशासनिक दृढ़ता का संतुलित उदाहरण है।
