कैलाश मानसरोवर यात्रियों के जत्थे को मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झण्डी
टनकपुर(उद संवाददाता)। कैलाश मानसरोवर यात्रा एक बार फिर आरंभ हो गई है। शुक्रवार को टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 45 सदस्यीय दल को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दल के सभी सदस्यों से मुलाकात कर उनके कुशलक्षेम की जानकारी ली और उन्हें शुभकामनाएं दीं। कोरोना महामारी के कारण गत कुछ वर्षों से स्थगित रही यह ऐतिहासिक यात्रा अब पुनः आरंभ होने जा रही है, जिसे लेकर न केवल तीर्थयात्रियों में उत्साह है, बल्कि प्रदेशवासियों के लिए भी यह एक गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा, आस्था और क्षेत्रीय विकास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से सीमांत क्षेत्रें में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका सशक्त होगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नया संबल मिलेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा को और अधिक सुविधाजनक तथा सुरक्षित बनाया जाए। उन्होंने यात्रा दल के सभी सदस्यों से संयम, श्रद्धा और अनुशासन के साथ यात्रा पूरी करने की अपील की। इस अवसर पर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी रिद्धिमा अग्रवाल, चंपावत जिलाधिकारी मनीष कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। ज्ञात हो कि कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध, जैन और बोंपों संप्रदायों के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। यह यात्रा भारत-चीन सीमा क्षेत्र में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील तक पहुंचती है, जिसे अध्यात्मिक साधना और आत्मिक शांति का प्रतीक माना जाता है।
