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किच्छा के आदेश तनेजा ने रचा इतिहास

किच्छा (उद संवाददाता)। इरादे पक्के हों और मंजिल को पाने के लिये कड़ी मेहनत की जाये तो व्यक्ति कोई भी मंजिल पा सकता है और नये मुकाम को हासिल कर एक नया इतिहास रच स्वर्ण अक्षरों से अपना नाम दर्ज करा सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है कि किच्छा निवासी आदेश तनेजा ने। आदेश तनेजा ने न सिर्फ अपना और अपने परिवार का, अपितु अपने गुरूजनों के साथ-साथ अपने शहर, जनपद का भी नाम रोशन करने का काम किया है। ऊधम सिंह नगर के किच्छा में रहने वाले भाजपा नेता और वरिष्ठ समाज सेवी सुभाष तनेजा के पुत्र आदेश तनेजा ने एलएलबी में कुमाऊं यूनिवर्सिटी टॉप कर एक नहीं बल्कि दो दो स्वर्ण पदक जीत उत्तराखंड का नाम रोशन करने का काम किया है। आदेश तनेजा को जहां कुमाऊं यूनिवर्सिटी ने स्वर्ण पदक दिया, तो वहीं दूसरी तरफ आदेश तनेजा की उपलब्धि को देख हिमांचल प्रदेश के ठाकुर इन्द्र सिंह नयाल मेमोरियल स्वर्ण पदक भी उसे देने का फैसला लिया गया है। दो दो गोल्ड मेडल जीत आदेश तनेजा ने पूरे प्रदेश में अपने नाम का डंका बजाया है। किच्छा शहर में जन्मे आदेश तनेजा ने अपनी शिक्षा यहीं से प्राप्त की और चाणक्य लॉ कालेज से एलएल बी टॉप करने पर कुमाऊं यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ के एस राणा द्वारा एक मार्च को रुद्रपुर कॉलेज में पहुंच कर एक भव्य समारोह में आदेश तनेजा को दिल्ली से बुला कर सम्मानित किया गया। गोल्ड मेडलिस्ट आदेश तनेजा ने अपने नाम के साथ साथ पूरे परिवार का सर फक्र से ऊंचा करने का काम किया है। यूनिवर्सिटी टॉप करने पर कुमांऊ यूनिवर्सिटी द्वारा नैनीताल में स्थित डी एसबी कैंपस में एक भव्य कन्वोकेशन का आयोजन किया गया। जिसमें मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री और उत्तराखण्ड़ के पूर्व सीएम डा0 रमेश पोखरियाल निशंक, सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूर, प्रदेश की महामहिम राज्यपाल बेबी रानी मोर्या, कुलपति डॉ के एस राणा, इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ रजत शर्मा, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, प्रदेश से कृषि मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा आदेश तनेजा को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। आदेश तनेजा ने बताया कि वो दिल्ली में एक शिक्षा संस्थान से जुडिशरी की तैयारी कर रहे है। आदेश तनेजा के इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचने पर पूरा परिवार बेहद खुश नजर आ रहा है। भाजपा नेता सुभाष तनेजा के घर में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। गोल्ड मेडलिस्ट आदेश तनेजा ने अपनी इस सफलता के का श्रेय अपने परिवार, माता पिता के आशीर्वाद और सहयोग को देने के साथ ही कहा कि अपने गुरू जनों की कड़ी मेहनत और उनके द्वारा जो अच्छी उच्च शिक्षा देने के परिणामस्वरूप ही ये गोल्ड मेडल उन्हें प्राप्त हुआ है। बताते चलें कि ये कोई पहली बार नहीं है जब आदेश तनेजा ने अपना नाम का लोहा मनवाया हो। गोल्ड मेडलिस्ट आदेश तनेजा ने 19 वर्ष की उम्र में अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत रुद्रपुर में आयोजित हुए नेशनल सेमिनार जिसमें देश भर के पीएचडी स्कॉलर, प्रोफेसर्स द्वारा प्रतिभाग किया गया था। इस दौरान लगभग तीन सौ से ज्यादा शोध पत्र आएं थे। विद्वानों द्वारा किए गए शोध पत्रों में से चंद ही पब्लिश हुए, इन विद्वानों में एक मात्र अंडर ग्रेजुएट आदेश तनेजा का भी शोध पत्र उस किताब में नाम से पब्लिश किया गया। आदेश तनेजा की इस उपलब्धि को देख सूबे के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत व किच्छा विधायक राजेश शुक्ला द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया, इसी कड़ी में उधम सिंह नगर के तत्कालीन कप्तान नीलेश आनंद भरने द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।
बेटे की कामयाबी से गदगद हुए पिता
किच्छा। दो स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले आदेश तनेजा किच्छा के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी सुभाष तनेजा के पुत्र हैं। आदेश तनेजा की ऐतिहासिक सफलता से उनके पिता सुभाष तनेजा बेहद गदगद हैं। बता दें सुभाष तनेजा धार्मिक और सामाजिक कार्यों में हमेशा अग्रणी रहते हैं। सुभाष तनेजा से मिले अच्छे संस्कारों की बदौलत ही आज उनके पुत्र आदेश तनेजा प्रदेश में अपना और अपने परिवार का नाम रोशन कर रहे हैं।

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