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किसानों की समस्याओं पर सदन में हंगामा

देहरादून(उद संवाददाता)। विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष ने गन्ना किसानों का भुगतान व चीनी मिल बंद करने व किसानों की यूरिया समेंत अन्य खेती से जुड़े संसाधन मंहगे करने को लेकर जमकर हंगामा काटा जिस पर सदन में चर्चा कराई गई। विधानसभा सत्र की शुरूआत में ही विपक्ष ने गन्ना भगुतान का मुद्दा उठाया जिस पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द्र अग्रवाल ने नियम 58 के तहत चर्चा में किसानों की समस्या को सुना। चर्चा के दौरान विपक्ष नेता इन्दिरा हृदयेश ने कहा कि प्रदेश में स्व. तिवारी जी के प्रयासों से कुंमाऊ में कई चीनी मिल लगाई गई, लेकिन आज की सरकार उन चीनी मिलों को बंद करा रही है, सितारगंज व गदरपुर चीनी मिल पर ताले लगा दिये जाने से गन्ना किसान नाराज है , किसानों को पूर्व का बकाया गन्ना भुगतान नही किया गया है, करीब ढाई हजार करोड़ गन्नंें का भुगतान बकाया चल रहा है। मंगलौर विधाय काजी निजामुद्दीन ने कहा कि सरकार ने किसान की कमर ही तोड़ दी है। किसानों की फसल का भुगतान हो नही रहा और युरिया का कटटा 293 से घटाकर 266 रूपये का कर दिया और ये कहा कि गया कि खाद्य सस्ती कर दी लेकिन सरकार किसानों को अनपढ़ समझती है , 50 किलों को कटटा 45 किलों का कर दिया। साथ ही उन्हांने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर के पार्टस पर 18 से 28 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया, डीजल 70 के करीब पहुंच गया है। ऐसे में किसान आत्महत्या करने को मजबूर है। सदन में चर्चा के बाद संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने जबाव देते हुये कहा कि रिकवरी को पैसा किसानों के गन्ना भुगतान के पैसे से नही काटा जायेगा। जिसने एक माह पूर्व गन्ना दिया हो दो दिन पूर्व दिया हो उसको नए रेट से भुगतान किया जायेगा। विधानसभा में गन्ना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि सितारगंज , नादेही, किच्छा , गदरपुर , बाजपुर चीनों को जल्द बकाया भुगतान कर दिया जायेगी। जिसकी सरकार ने तैयारी कर ली है। श्री कौशिक ने कहा कि सरकार किसाने के प्रति गंभीर है ,किसानों को 2 प्रतिशत पर कर्ज देने के काम सरकार ने किया है। बाजपुर का 203 करौड़ भुगतान बकाया है। जिसका भी समाधान किया जा रहा है। बाजपुर चीनी मिल से जुड़ी आरसी वापस लेने का भी प्रयास किया जा रहा है। काशीपुर चीनी मिल का प्रकरण कोर्ट में चल रहा है। जिसका भी समाधान किया जायेगा।
प्रश्नकाल में बंदरों के आंतक का मुद्दा उठा
देहरादून। विधानसभा सत्र में प्रश्न काल के दौरान बंदरों के आंतक व आयुर्वेदिक कालेंज की फीस वृद्धि व कालेंज में अध्यापकों की कमी का मुदद्वा उठा। सदन में विधायक विनोद कण्डारी के सवाल पर जबाव देते हुये कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि बन्दरबाड़े बनाकर बंदरो को बंध्याकरण किया जा रहा है, साथ ही इसी सवाल पर वन मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि बंदरो के आंतक से फसलों के नुकसान को बचाने के लिए प्रयास किये जा रहें है। विधायक प्रीतम सिंह पंवार के सवाल पर मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि आयुर्वेदिक कालेंज में बढ़ी फीस पर कोर्ट ने ली गई फीस छात्र- छात्राओं को बापस करने के आदेश दिये गये है। जिस पर सरकार द्वारा भी सख्ती की गई है, फीस बापस न करने पर एक माह में संविदा खत्म करने का नोटिस दिया गया है , सरकार छात्र हितों में सख्ती से फीस बापस दिलाने का प्रयास कर रही है। विधायक सुरेन्द्र सिंह जीना, देशराज कर्णवाल , शौरभ बहुगुणा ने कम संख्या वाले विधालयों को बंद करने चिंता जताते हुये कहा कि कम संख्या वाले स्कूल को बंद करने से दुर्गम क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। इस पर शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डे ने बताया कि कम संख्या वाले 300 करीबन स्कूल बंद कर उन्हें समायोजित कर दिया गया है।

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