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बेस अस्पताल में खामियां मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट बिफरे

हल्द्वानी,(उद संवाददाता)। जिलाधिकारी के आदेश के पश्चात सिटी मजिस्टेªट प्रत्युष कुमार ने सोबन सिंह जीना राजकीय बेस चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। जिसमें अव्यवस्थाएं मिलने पर उनका पारा चढ़ गया और उन्होंने सम्बन्धित ठेकेदार और कार्यदायी संस्था पर हजारों रूपए के अर्थदण्ड आरोपण की संस्तुति कर दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने बेस अस्पताल में किचन का निरीक्षण किया जहां कोई कार्मिक उपस्थित नहीं था और किचन में काफी गंदगी थी। खाद्य सामग्री खुली रखी हुई थी। उन्होंने खाद्य सामग्री वितरण के मानक के संबंध में पूछताछ की तो कोई प्रमाणिक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने दलिया की गुणवत्ता के लिए नमूना एकत्र किया और सम्बन्धित कार्मिक के पास दूध की कतिपय थैलियां भी प्राप्त हुईं जिसका कोई संतोषजनक जबाब नहीं दे पाया। एक नर्स ने स्वीकार किया कि  सामग्री वितरण करने वाले सम्बन्धित कार्मिक से दूध की थैली प्राप्त की गयी है। यह भी तथ्य संज्ञान में आया कि वर्तमान एवं पूर्व में भी चिकित्सालय में तैनात स्टाफ नर्सों को दूध की थैलियां उपलब्ध करायी जाती रही हैं। चिकित्सलय परिसर के किचन में गंदगी के संबंध में पूर्व में ंभी सम्बन्धित ठेकेदार को चेतावनी देते हुए अर्थदण्ड आरोपित किया जा चुका है लेकिन उसने अपनी कार्यप्रणाली में परिवर्तन नहीं किया जिसके चलते सिटी मजिस्ट्रेट ने ठेकेदार पर 25हजार रूपए अर्थदण्ड आरोपण की संस्तुति दी। वहीं चिकित्सालय परिसर में नेफ्रोप्लस संस्था जो डायलेसिस विभाग को पीपीपी मोड पर संचालित कर रही है उसके कार्यालय परिसर का निरीक्षण करने पर भारी मात्रा में काफी दिनों से रखा हुआ सामान्य कचरा व बायोमेडिकल कचरा पैकेटों में भरा पाया गया। जिससे प्रतीत हुआ कि सामान्य कचरा व बायोमेट्रिक कचरा सामान्य तरीके से निस्तारित नहीं किया जा रहा जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एमएम तिवारी को मौके पर बुलाया तो पता चला कि यह मानकों का उल्लंघन है जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने नेफ्रोप्लस संस्था पर 50हजार रूपए अर्थदण्ड आरोपण की संस्तुति कर दी। सिटी मजिस्ट्रेट की कार्रवाई से अस्पताल परिसर में हड़कम्प मचा रहा।

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