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राजकीय चिकित्सालय में दो नेत्र चिकित्सक

मनोज श्रीवास्तव
काशीपुर। केंद्र व प्रदेश की राज्य सरकार जहां एक और उपचार को और सहज करने के लिए कल्याणकारी योजनाओं को धरातल तक लाने के प्रयास में है वहीं स्वास्थ्य महकमा सरकार की मंशा पर पानी फेरते हुए योजनाओं को पलीता लगाने में जुटा है। ताजा मामला काशीपुर के राजकीय चिकित्सालय का है जहां नेत्र विभाग में एक की बजाए दो दो चिकित्सकों की तैनाती कर दी गई। मजे की बात है कि बाजपुर तथा जसपुर के सीएचसी में पिछले लंबे समय से आई स्पेशलिस्ट का टोटा है ऐसे में काशीपुर के राजकीय चिकित्सालय के नेत्र विभाग में लंबे समय से एक चिकित्सक के जमे रहने के बावजूद संविदा पर महिला चिकित्सक की तैनाती किया जाना स्वास्थ्य महकमे की गलत नीतियों को दर्शाता है। बाजपुर और जसपुर में काफी समय से नेत्र रोग चिकित्सक नहीं है। दोनों स्थानों के नागरिक नेत्र रोग चिकित्सक की तैनाती की मांग कर रहे हैं। लेकिन नागरिकों की इस जायज मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है। काशीपुर में राजकीय चिकित्सालय में दो दो नेत्र चिकित्सक तैनात कर स्वास्थ्य विभाग ने अपने ही नियमों को ठेंगा दिखा दिया है। बताया जाता है कि संविदा पर चिकित्सक रखने का मुख्य उद्देश्य यही था कि जब तक नियमित चिकित्सक की नियुक्ति नहीं होती तब तक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से संविदा चिकित्सक नियुक्त कर लोगों को लाभ पहुच सके। लेकिन एक ही चिकित्सालय में दो दो नेत्र चिकित्सक की तैनाती कर आिखर किसको लाभ पहुंचाया जा रहा है यह सवाल लोगों के लिए यक्ष प्रश्न बना है।

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