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हाउस टैक्स को लेकर किच्छा में सियासी घमासान 

नरेश जोशी
रुद्रपुर। किच्छा नगर पालिका में हाउस टैक्स को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। नगर पालिका अध्यक्ष दर्शन कोली सहित पूरा नगर पालिका बोर्ड हाउस टैक्स कम करने को लेकर अड़ा हुआ है जबकि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बायलॉज और नगर पालिका एक्ट का हवाला देते हुए इसे शासन स्तर का मामला बता रहे हैं । गौरतलब है कि किच्छा नगर पालिका में वर्तमान हाउस टैक्स प्रीति रूम 300 तय किया गया है। मतलब आपके भवन में यदि 3 कमरे हैं तो आपको 300 रुपये प्रति कमरे के हिसाब से 900 रुपये प्रतिवर्ष हाउस टैक्स के रूप मे देना होगा । बताते चलें कि किच्छा नगरपालिका जब अपने अस्तित्व में आई थी तो यहां भवन कर 20 रूपये तय गया था जिसके बाद इसमें धीरे धीरे बढ़ोतरी होती रही। पूर्व पालिका अध्यक्ष महेंद्र चावला के कार्यकाल में हाउस टैक्स 60 से बढ़कर 75 रुपये कर दिया गया। महेंद्र चावला का कार्यकाल खत्म होने के बाद यहां प्रशासक तैनात कर दिए गए । सभासद शोभित शर्मा का आरोप है कि प्रशासक ने हाउस टैक्स को 75 रूपये से बढ़ाकर सीधे डेढ़ सौ कर दिया। यानी हाउस टैक्स सीधे रूप में दोगुना कर दिया गया और वर्तमान में डेढ़ सौ से बढ़ाकर इसे 300 में तब्दील कर दिया गया है । सभासद शोभित शर्मा का कहना है कि किच्छा नगरपालिका क्षेत्र में अधिकांश मध्यम व गरीब परिवार के लोग रहते हैं इस तरह से मनमानी के साथ हाउस टैक्स को लागू करना गलत है । 2018 में नगर पालिका चुनाव से पूर्व ही हाउस टैक्स में दोगुनी बढ़ोतरी को लेकर किच्छा के कुछ राजनीतिक दलों ने इसका विरोध करते हुए आंदोलन भी किया था वर्तमान में नगर पालिका अध्यक्ष दर्शन कोली के अगुवाई में नगर पालिका बोर्ड ने हाउस टैक्स को पिछले नगर पालिका कार्यकाल के दौरान लागू किए गए कर का 33 प्रतिशत बढ़ाते हुए 100 रूपये भवन कर लागू करने का प्रस्ताव पारित कर दिया यानी पूर्व पालिका अध्यक्ष महेंद्र चावला के कार्यकाल के दौरान लागू किए गए 75 रूपये के भवन कर को बढ़ाते हुए 100 रूपये लागू करने का वर्तमान बोर्ड ने निर्णय लिया है। पिछले दिनों नगर पालिका परिसर में अधिशासी अधिकारी और सभासदों के बीच हाउस टैक्स कम करने को लेकर तीखी झड़प भी हुई थी । पालिका के अधिशासी अधिकारी संजीव मेहरोत्रा का कहना है कि पालिका बोर्ड को हाउस टैक्स कम करने का अधिकार नहीं है। हाउस टैक्स में लगातार हो रही बढ़ोतरी के सवाल पर ईओ संजीव मेहरोत्रा बताते हैं कि यह भवन कर 2015 -2016 के सर्वे के आधार पर लागू किया गया है । नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजीव मेहरोत्रा ने बताया कि जब वह किच्छा नगरपालिका में ईओ बनकर आए थे तो हाउस टैक्स की सर्वे रिपोर्ट का अंतिम समय चल रहा था। बकौल ईओ संजीव मेहरोत्रा जब मैं किच्छा नगर पालिका पहुंचा था तो सर्वे के लिए महज दो ही वार्ड रह गए थे। यह कहना कि हाउस टैक्स की बढ़ोतरी मेरे द्वारा की गई गलत है हाउस टैक्स सर्वे के आधार पर बढ़ाया गया है। संजीव मेहरोत्रा ने फिर कहा कि नगर पालिका बोर्ड को हाउस टैक्स कम करने का अधिकार नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि पालिका बोर्ड ने हाउस टैक्स कम करने को लेकर प्रस्ताव पास किया है। यह फैसला शासन स्तर का है।

 

पूरा पालिका बोर्ड हाउस टैक्स कम करने को लेकर एक साथ खड़ा है नगर पालिका बोर्ड ने पिछले कार्यकाल के दौरान लागू किए गए हाउस टैक्स 75 रूपये को बढ़ाते हुए 100 रपये यानी 33 प्रतिशत लागु करने का प्रस्ताव पास कर दिया है किंतु अभी तक हाउस टैक्स कम नहीं किया गया मैं पूरे पालिका बोर्ड के साथ कुमाऊं कमिश्नर से मिलने जाऊंगा उसके बाद भी कोई रास्ता नहीं निकला तो मैं हाई कोर्ट तक जाऊगा किसी भी सूरत में किच्छा की जनता के ऊपर मनमाने तरीके से हाउस टैक्स लागू नहीं किया जाएगा

दर्शन कोली, नगर पालिका अध्यक्ष किच्छा

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