Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

स्वर्ग जाना है तो दिनेशपुर-मटकोटा मार्ग पर आइए!

दिनेशपुर, (उद संवाददाता)। स्वर्ग जाना है तो दिनेशपुर-मटकोटा मार्ग पर आइए– जी हां, आप ठीक पढ़ रहे हैं! 15 किलोमीटर का सफर आपकी सांसें रोकने के लिए काफी है। मौत का पर्याय बन चुके बड़े-बड़े गड्ढे आपको अपनी आगोश में लेने को तैयार हैं। वास्तव में क्षतिग्रस्त मटकोटा- दिनेशपुर- गदरपुर मार्ग लोगों के लिए काल बन चुका हैं। जनता के लम्बे आन्दोलन के बाद 75 करोड़ में बनी सड़क 75 महीने भी नहीं चल सकी। शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता लोगों को मौत के मुंह में धकेल रही है। जान माल का नुकसान लगातार हो रहा है, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। अब दोबारा लोग आन्दोलन की राह पर हैं। बताते चलें कि मटकोटा-दिनेशपुर-गदरपुर मार्ग काशीपुर-रूद्रपुर के लिए बाईपास का काम भी करता है। सिडकुल को आने-जाने वाले वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। दिन रात चलने वाले इस मार्ग की स्थिति बहुत दयनीय हो चुकी है। 15 किलोमीटर की इस सड़क में आपको गड्ढेे ही गड्ढेे मिलेंगे। बीस मिनट का सफर एक घंटे में तय होता है। आये दिन हादसे हो रहे हैं। दर्जनों लोग बुरी तरह से घायल हो चुके हैं। वाहनों को भारी नुकसान हो चुका है। कई लोगों को असमय ही अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। ज्ञात हो कि दो साल तक लगातार आन्दोलन करने के बाद 23 दिसम्बर, 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत दिनेशपुर आये थे और सड़क का शिलान्यास किया था। सिडकुल को निर्माण का जिम्मा दिया गया। 75 करोड़ की लागत से लगभग एक साल में सड़क बनकर तैयार हुई। भ्रष्टाचार और अनियमितता का आलम देिखए। सड़क 75 महीने भी नहीं चल सकी। सड़क निर्माण संघर्ष समिति के विकास स्वर्णकार ने सूचना के अधिकार में जानकारी निकाली तो पता चला कि काफी कुछ गोलमाल है। पाइप लाइन हटाने का खर्च जोड़ा गया है, लेकिन पाइप लाइन को नीचे ही दबा दिया गया है। अब कई जगह से पाइप लाइन फटने से भी सड़क टूट चुकी है। सड़क के दोनों ओर पेड़ लगाने, नौ बड़ी पुलिया निर्माण, सीमेंटेड रेलिंग, नाली आदि के निर्माण में भारी घोटाला प्रतीत होता है। नतीजा यह है कि सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। नेतानगर पुल, रामबाग पुल नगर पंचायत कार्यालय के सामने, दुर्गापुर मोड़, स्टेट बैंक के आगे सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। जिसमें रोज हादसे हो रहे हैं। मोटर साइकिल और पैदल चलना तो बिल्कुल भी खतरे से खाली नहीं है। सड़क निर्माण में हुई धांधली से लोगों में आक्रोश है। लगातार शिकायत के बाद भी कार्यदायी संस्था और प्रशाासन ने करवट नहीं बदली है। अब लोग आन्दोलन की राह पर हैं।रविवार को दिनेशपुर चैक पर एक दिवसीय धरना- प्रदर्शन के बाद आगे की रणनीति तैयारी की जाएगी। देवभूमि व्यापार मण्डल के अध्यक्ष राजेश नारंग का कहना है कि सड़क से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। लोगों को जान गबानी पड़ रही है। निर्माण में घोटाले के चलते सड़क की यह दशा हुई है। प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए। युवा व्यापारी जगन्नाथ सरकार कहते हैं कि व्यापारियों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। स्कूल के बच्चों का चलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क के लिए फिर से आन्दोलन करना ही होगा। बर्तन व्यापारी विकास छाबड़ा कहते हैं कि नेताओं और अधिकारियों की मिली भगत से निर्माण में घपला हुआ है। दो साल भी ठीक से सड़क नहीं चली। सड़क में गड्ढेे नहीं हैं, बल्कि गड्ढों की सड़क बन चुका है दिनेशपुर -मटकोटा मार्ग। पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष रवि कुमार का कहना है कि मटकोटा- दिनेशपुर- गदरपुर मार्ग तकरीबन तीन दर्जन से ज्यादा गांवों को जोड़ता है। हजारों लोग प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं। रोज लोग घायल हो रहे हैं, मर रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। सरकार के नुमाइंदों ने आंखें बंद की हुई हैं और अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। ऐसे में आन्दोलन ही एक मात्र रास्ता बचता है। समिति के विकास स्वर्णकार ने आंदोलन में सहयोग करने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *