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पीएम मोदी ने वंदे भारत की सौगात के साथ बहुप्रतीक्षित टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को भी दी संजीवनी

देहरादून। पीएम मोदी ने देहरादून से दिल्ली आनंद बिहार तक रेल सेवा की सौगात दने के साथ ही पूर्ववर्ती केंद्र सरकार में रेल नेटवर्क के विकास के लिये धीमी कार्ययोजना पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भारत में हाईस्पीड ट्रेनों को लेकर पहले की सरकारों ने बड़े-बड़े दावे किए। इन दावों के कई-कई साल बीत गए। हाई स्पीड रेल छोड़िए, रेल नेटवर्क से मानव रहित फाटक तक हटा नहीं पाए थे। रेलवे के बिजलीकरण की स्थिति तो और भी गंभीर थी। 2014 तक देश का एक तिहाई रेल ट्रैक का बिजलीकरण हो पाया था। साल 2014 के बाद रेलवे को ट्रांसफोर्म करने के लिए चौतरफा काम करना शुरू किया। 2014 से पहले हर वर्ष 614 किमी बिजलीकरण का काम होता था। अब हर साल 6000 किमी ट्रैक का बिजलीकरण हो रहा है। इसलिए आज देश के 90 प्रतिशत से अधिक रेल नेटवर्क का बिजलीकरण हो चुका है। उत्तराखंड में शतप्रतिशत हो चुका है। ये काम इसलिए हो रहा है, क्योंकि सही विकास की नीयत भी है, नीति भी है और निष्ठा भी है। पीएम ने कहा कि उत्तराखंड में विकास के नवरत्नों पर भाजपा सरकार का जोर है। पीएम नौ रत्न गिनाते हुए बताया कि केदारनाथ-बदरीनाथ धाम में 1300 करोड़ से पुनर्निर्माण कार्य, गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट हेमकुंड रोपवे का 2500 करोड़ की लागत से कार्य,कुमायूं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिए मानस मंदिर माला मिशन का काम, पूरे राज्य में होम स्टे को बढ़ावा, राज्य में 4000 से अधिक होम स्टे पंजीकृत, इको टूरिज्म के 16 डेस्टिनेशन का विकास,-उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, यूएसनगर में एम्स का सेटेलाइट सेंटर, करीब 2000 करोड़ से टिहरी झील विकास परियोजना का निर्माण, ऋषिकेश-हरिद्वार का एडवेंचर टूरिज्म, योग राजधानी के रूप में विकास,टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे भारत ट्रेन की सौगात के बहाने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उत्तराखंड में केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत निर्माणाधीन रेल मार्ग प्रोजेक्ट एवं इंफ्रास्टक्चर से जुड़ी नौ महत्वपूर्ण विकास प्ररियोजनाओं के नवरत्न परियोजनाओं को गिनाकर विकास का मंत्र फूंक दिया है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर राज्य में धामी सरकार के उठाए जा रहे कदमों का समर्थन करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के विकास की दिशा में शुरू किए गए अभियान की तारीफ भी की। उत्तराखंड से चलने वाली पहली वंदे भारत ट्रेन का संचालन होने से राज्यवासियों में उत्साह माहौल व्याप्त हो गया। ट्रेन को मांगलगीत दैणा होयां खोली का गणेशा हे बजाकर पारम्परिक रूप से रवाना किया किया। इससे पहले कलाकारों ने पारंपरिक परिधान में लोक नृत्य और गीतों की प्रस्तुति दी। उत्तराखंड की पहली वंदे भारत ट्रेन के उद्घाटन के लिए रेलवे स्टेशन परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया। वंदे भारत ट्रेन भी फूलों से सजाई गई थी। उत्तराखंड से पहली बार चलने जा रही इस सेमी हाई स्पीड ट्रेन से लोगों का सफर अब पहले से अधिक सुगम हो जायेगा। पीएम ने राज्य में प्रस्तावित व निर्माणाधीन नौ महत्वाकांक्षी योजनाओं का जिक्र किया है। गढ़वाल क्षेत्र में आर्थिक और सामरिक तरक्की के लिए अहम मानी जाने वाली ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के बारे में पीएम ने साफ कर दिया कि यह अगले दो-तीन साल में पूरी हो जाएगी। वहीं प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुप्रतीक्षित टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना का काम जल्द शुरू करने की घोषणा कर योजना का संजीवनी दी है। कुमाऊं मंडल को भी इस नये रेल प्रोजेक्ट से एक नई सौगात मिलने से सीमांत जनपदों में पर्यटन और सुगम यातायात का लाभ लोगों को मिलेगा। पीएम मोदी ने बताया कि पर्वतमाला परियोजना उत्तराखंड के विकास के लिए गेमचेंजर का काम करने वाली है, से साफ हो गया कि केंद्र सरकार से राज्य को जल्द रोपवे परियोजनाओं की सौगातें मिलने वाली हैं। राज्य सरकार ने दो दर्जन से अधिक प्रस्ताव इस योजना के तहत भेजे हैं और अन्य परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार हो रहे हैं। केदारनाथ और हेमकुंड के लिए रोपवे का काम जल्द शुरू हो जाएगा, बदरीनाथ और केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी दिखेगी। प्रधानमंत्री ने 2014 से पहले की सरकारों पर तंज करते हुए कहा कि 2014 के पांच सालों में उत्तराखंड के लिए औसतन 200 करोड़ से कम बजट मिलता था। इतना दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, रेलवे का अभाव और बजट 200 करोड़ से भी कम। इस वर्ष उत्तराखंड का रेल बजट पांच हजार करोड़ रुपये है। यानी 25 गुना बढ़ोतरी की गई। उन्होंने कहा, मैं अभी कुछ घंटे पहले ही तीन देशों की यात्र करके लौटा हूं। आज पूरा विश्व भारत को बहुत उम्मीदों से देख रहा है। हम भारत के लोगों ने जिस तरह अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है, गरीबी से लड़ रहे हैं, उसने पूरी दुनिया का विश्वास जगा दिया है। कोरोना से हमारी लड़ाई की बड़ी चर्चा है। विश्व के लोग भारत को समझने के लिए देखने के लिए आना चाहते हैं। उन्होंने कहा, जब मैं बाबा केदार के दर्शन करने गया था, दर्शन के बाद अनायास ही मेरे मुख से कुछ पंत्तिफ़यां निकली थी। यूं ही मैं बोल पड़ा था, ये दशक उत्तराखंड का दशक होगा। उत्तराखंड आज जिस तरह से कानून व्यवस्था को सर्वाेपरि रखते हुए विकास के अभियान को आगे बढ़ा रहा है, वह बहुत सराहनीय है। ये इस देवभूमि की पहचान को संरक्षित करने के लिए भी अहम है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्र पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या हर वर्ष पुराने सारे रिकार्ड तोड़ देती है। नया रिकार्ड बना देती है। अभी बाबा केदार के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। हरिद्वार में होने वाले कुंभ व अर्द्ध कुंभ में दुनिया भर से करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। हर वर्ष जो कांवड यात्र होती है, उसमें भी लाखों-करोड़ों लोग उत्तराखंड पहुंचते है। पीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं की यह संख्या उपहार भी है और इतनी बड़ी संख्या संभाल पाना एक भागीरथ कार्य भी है। इस भगीरथ कार्य को आसान बनाने के लिए ही डबल इंजन की सरकार डबल शत्तिफ़ से डबल गति से काम कर रही है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का पूरा जोर विकास के नवरत्नों पर है। एक कहावत सुनी होगी, सोने पर सुहागा, इसलिए नवरत्नों की माला को पिरोने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। उन्हें भी धामी सरकार ने नई ऊर्जा दी है। 12 हजार करोड़ की लागत से चारधाम महा परियोजना पर तेज गति से काम हो रहा है।

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