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दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षा में टॉपरों को मिलेगा नगद पुरस्कारः धन सिंह

रूद्रपुर ।मनोज सरकार स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित नवम राज्य स्तरीय क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का मंगलवार को केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट एवं उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने शुभारम्भ किया। शुभारम्भ अवसर पर विभिन्न स्थानों से आई टीमों ने मार्च पास्ट किया। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में 13 जिले की राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बच्चे प्रतिभाग कर रहे हैं। वहीं इस अवसर पर मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार, प्रमाण पत्र, विद्यालयों में व्यवसायिक पाठड्ढक्रम एवं एडेड विद्यालयों में भी नए सत्र से किताबें मुफ्त में देने सहित अन्य घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को हर सुविधाएं मिलेगी।साथ ही उन्होंने प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रदेश के 22050 शिक्षकों को निशुल्क टैब, 400 इंटर कॉलेज में व्यवसायिक पाठड्ढक्रमों का शुभारंभ नए सत्र से करने, इंटरमीडिएट एवं हाईस्कूल के टॉपर्स को 2023 से 25-25 हजार रुपए का पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की। उन्होंने एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक वर्ष 25 बच्चे केरल और कर्नाटक जाने व आने की बात कही। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय समय पर प्रत्येक विद्यालयों में कार्यक्रम कराएं। इसके अलावा कहा कि प्रत्येक ब्लॉक ले निगम क्षेत्र में दो दो पीएम श्री वर्ल्ड क्लास का विद्यालय खोला जाएगा। खेल अनुदान राशि बढ़ाई जाएगी। चार लाख बच्चों की निशुल्क हेल्थ आइडी कार्ड बनाए जायेंगे। उन्होंने कहा 2027 तक उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य एवं स्कूलों में एक हजार गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के प्रवत्तफा की नियुत्तिफ की जाएगी। ताकि बोर्ड परिणाम 90 प्रतिशत तक किया जा सके। सिलेबस में विद्यार्थी के रुचि के अनुसार उनकी भाषा में पढ़ाया जाएगा। इस इस अवसर पर अपने सम्बोधन में केन्द्रीय मंत्री
अजय भट्ट ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलता है। जिस प्रकार जीवन में शिक्षा जरुरी है उसी प्रकार खेल भी जरुरी है। खेलों से आपसी भाईचारा तो बढ़ता है साथ ही शरीर भी चुस्त दुरुस्त रहता है। खेल से शारीरिक मानसिक विकास होने के साथ अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिलता है।उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को आपसी भाईचारे और खेल की भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहिए। हार से निराश होने के बजाय खिलाड़ियों को और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए मेहनत और लगन के साथ तैयारी करनी चाहिए। आज खेलों में कैरियर की अपार संभावनायें हैं। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में भी वरियता दी जा रही है। इसलिए आज पढ़ाई के साथ खेलना भी जरूरी है। खेलों में केवल शारीरिक बनावट और ताकत के बल पर जीत नहीं मिलती बल्कि इसके लिए निरंतर अभ्यास, एकाग्रता और बौ(िक क्षमता का भी परिचय देना होता है। खेल अनुशासन सिखाते हैं। आगे आने की प्रेरणा देते हैं। हार से भी सीख मिलती है। उन्होंने जिला प्रशासन से खिलाड़ियों को हरसंभव सुविधायें उपलब्ध कराने को कहा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत,विधायक शिव अरोरा, डीएम युगल किशोर पंत,जिलाध्यक्ष गुंजन सुखीजा, सुरेश परिहार,नेत्रपाल मौर्य, सुरेश कोली, राकेश सिंह, सुशील यादव,मनोज सरकार,जिला युवा कल्याण अधिकारी वजाहत खां, हरीश दनाई,धीरज पांडे, नागेंद्र शर्मा आदि समेत कई लोग मौजूद थे।

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