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बड़ी खबर-एक्सपायरी डेट का आटा बांटने पर सियासी हंगामा!

देहरादून/अल्मोड़ा (उद ब्यूरो)। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सियासी दलों के नेताओं समेत तमाम संगठनों द्वारा कोरोना महामारी के संकट के बीच जरूरतमंदों को राहत सामग्री बांटने का अभियान शुरू किया गया है। जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने की इस होड़ में जहां सोशल डिस्टेंसिग की धज्जिंया भी उड़ायी जा रही है जिससे कोरोना संक्रमण के फैलने की आशंका बढ़ रही है,कोई पकाया हुआ भोजन उपलब्ध करवा रहे हैं तो कही राशन एवं अन्य सामान देकर लोगों के बीच पहुंच रहे है। इन राहत सामग्री की गुणवत्ता पर भी लोगों द्वारा सवाल उठाया जा रहा है। बताया जाता है कि सरकार द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से उपलब्ध करायी जा रही राशन साम्रगी में हांलाकि एक सप्ताह का राशन जैसे पांच किलो आटा, एक नमक, चाय चीनी,चना,चावल,आटा, दाल, मसाले और तेल शामिल है। वहीं दूसरी तरफ समाजिक एवं राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। इस बीच सियासी आरोप प्रत्यारोप की गूज भी तेज हो रही है। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र से विधायक राज्यमंत्री रेखा आर्य एक बार फिर उनके पति के द्वारा क्षेत्रवासियों को खराब राशन बांटने के आरोप लगने से चर्चाओं में आई गई है। इतना ही नहीं कांग्रेस ने अब रेखाआर्य समेत सत्तासीन भाजपा को घेरना शुरु कर दिया। बताया जा रहा है कि रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू ने सोमेश्वर विधानसभा में कई गांव के लोगों को आटा, चावल, राशन, मास्क, सेनेटाइजर आदि बांटे। रेखा आर्य ने इसकी फोटो भी अपने फेसबुक में शेयर की है। आर्य के पति ने जो आटे के 5 किलों के बैग लोगों को बांटे वो एक्सपायरी डेट के निकले। आटे के बैग 2018 के थे जिन्हें उपभोग करने की तारीख खत्म हो चुकी थी। बस फिर क्या था मामला गरमा गया। आटे के बैग की तस्वीर वायरल हो गई और विपक्ष ने घेरना शुरु कर दिया। वहीं कांग्रेस ने भाजपा को घेरना शुरु कर दिया। कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने हमला करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के बीच यह लोगों के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है- संबंधित आटे की सैंपलिंग कर प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए-वहीं दूसरी ओर भाजपा के प्रदेश प्रवत्तफ़ा सुरेश जोशी का कहना है कि गिरधारी लाल साहू की नीयत साफ थी फिर भी इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। इधर राजनीतिक दलों ने विरोध के बीच रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू ने संबंधित आटा मिल मालिक के हस्ताक्षर युत्तफ़ एक पत्र जारी कर कहा है कि कोरोना संकट के बीच मिल में नए बैगों की आपूर्ति नहीं हो पाई इसलिए पुराने पड़े 2018 के कट्टे में ही नया आटा पैक किया गया।

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