Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

भर्ती परीक्षा में नकल कराने वालों पर होगी सख्त कार्रवाईःसीएम

देहरादून(उद संवाददाता)। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में नकल कराएं जाने के मामले पर सीएम ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। सीएम ने कहा कि राज्यहित में ये कष्ट दायक है। सीएम ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस इस मामले में सराहनीय कार्य कर रही है। परीक्षा रद्द करने के सवाल पर सीएम ने कहा कि अभी मामले को देखा जा रहा है। भर्ती रद्द करना समाधान नहीं है जो लोगों दोषी है अगर उन्हें पकड़ लिया जाता है तो बेरोजगार युवाओं को रोजगार दे दिया जाएगा। बता दें कि वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती परीक्षा में संगठित तरीके से नकल कराने का आरोप लगाया गया था। रविवार को हुई फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए प्रदेश में 188 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे जहां करीब एक लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद शाम को ओआरएम शीट और प्रश्नपत्र सोशल मीडिया में वायरल हो गए। बाद में इसकी जांच साइबर थाने को सौंपी गई। रुड़की के एक कोचिंग सेंटर ने कुछ अभ्यर्थियों को डिवाइस देकर पेपर देने के लिए भेजा था। बाहर से कोचिंग सेंटर से जुड़े लोगों ने अभ्यर्थियों को सवालों के जवाब बताए थे। इस मामले में एसटीएफ ने रुड़की और पौड़ी में मुकदमे दर्ज कराए हैं। एसटीएफ की डीआइजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि स्पेशल टास्क को सूचना मिली थी कि बीते रविवार को हुई फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा में इलेक्ट्रानिक डिवाइस के जरिये नकल कराई गई। साथ ही पता चला कि इसके लिए अभ्यर्थियों से पांच से आठ लाख रुपये तक लिए गए हैं। इस पर टीम को मामले की जांच में लगाया गया। जांच के दौरान एसटीएफ ने जब रुड़की में पूछताछ की तो पता चला कि ओजस्व कॅरियर कोचिंग सेंटर के संचालक मुकेश सैनी ने परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन और इलेक्ट्रानिक डिवाइस के जरिये प्रश्नों के उत्तर बताए। बताया कि अभ्यर्थियों को पहले से ही इलेक्ट्रानिक डिवाइस लेकर परीक्षा केंद्र में भेजा गया था। जैसे ही प्रश्नपत्र सामने आया, अभ्यर्थियों ने सवाल बताने शुरू किए और दूसरी तरफ से उन्हें उत्तर बताए गए। आरोप है कि इस काम के लिए आरोपितों ने अभ्यर्थियों से पांच से आठ लाख रुपये तक वसूले। इस मामले में एसटीएफ की ओर से आरोपित कोचिंग संचालक मुकेश सैनी के खिलाफ रुड़की और पौड़ी में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। डीआइजी ने बताया कि जांच के दौरान रुड़की और पौड़ी में डिवाइस से नकल कराने की बात सामने आई है। कुछ छात्रें ने पूछताछ में माना है कि वह डिवाइस लेकर परीक्षा केंद्र में गए थे। बाहर से उन्हें मदद की गई। बताया कि आरोपित मुकेश सैनी के खिलाफ पहले भी मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। आरोपित ने 2015-16 में इसी तरह नकल करवाई थी। तब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उस समय वह जेल भी गया था। इसके बाद 2018 में हुई परीक्षा में भी आरोपित पर नकल करवाने का आरोप था। लेकिन साक्ष्य नहीं मिलने के कारण मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *