हाथियों ने रोकी 108 की राह, एंबुलेस में कराना पड़ा प्रसव
रामनगर। उत्तराखंड में जंगली जानवरों अब बेखौफ होकर सड़काें पर आकर धमक जमा रहे हैं जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल व्याप्त हो रहा है। विगत दिवस अल्मोड़ा के क्यारी गांव निवासी एक महिला दीपा को प्रसव पीड़ा होने पर उसे 108 एंबुलेंस से रामनगर के अस्पताल में भर्ती करने के लिये लाया जा रहा था।सुबह करीब आठ बजे काशीपुर बुआखाल एनएच पर मोहान जंगल से अचानक हाथियों का झुंड आ धमका। हाथियों को देख एंबुलेस में सवार लोगों में हड़कंप मच गया और वाहन को हाईवे किनारे रोक लिया। वाहन चालक के काफी प्रयास के बावजूद हाथी वहां से नहीं भागे। इस बीच गर्भवर्ती महिला की तबयित तेजी से बिगड़ने लगी। काफी देर तक हाथियों का झुंड में शमिल कई हाथी हाईवे पर मडराते रहे। बाद में महिला का एंबुलेंस में ही प्रसव करना पड़ा। 108 के इमरजेंसी टक्निशियन दीप सत्यवली ने वाहन में ही महिला का प्रसव कराने का निर्णय लिया। करीब आधे घंटे में महिला का सफल प्रसव किया गया। महिला ने बच्ची को जन्म दिया है। दोनों की हालत बेहतर है। वहीं हाथियों का झुड भी जंगल की ओर चला गया। इसके बाद एंबूलेंस से महिला और नवजात बच्ची को रामनगर अस्पताल में भर्ती कराया उगया है। यहां डा- राजीव पुनेठा ने बताया कि जच्चा और बच्चा खतरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि डिलीवरी में देर होने से महिला की जान को खतरा हो सकता था।


