बिजली के खंभों पर चढ़ गए लोग : एनडीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू कर कई जिंदगियों को मौत के मुंह से बाहर निकाला
देहरादून। देहरादून के प्रेमनगर, ठाकुरपुर, सहस्त्रधारा, मालदेवता जैसे इलाकों में बादल फटने के बाद ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। आपदा में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और कई अभी भी लापता हैं। एनडीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू कर कई जिंदगियों को मौत के मुंह से बाहर निकाला। बादल फटने से आई बाढ़ में लोग इतने डर गए कि जान बचाने के लिए बिजली के खंभों पर चढ़ गए। कोई छत पर था, कोई पेड़ पर, और कोई खंभे पर लटक गया। ताकि पानी का बहाव उन्हें साथ न ले जाए। ठाकुरपुर इलाके में हालात इतने भयावह हो गए कि लोग जान बचाने के लिए बिजली के खंभों और ऊंची जगहों पर चढ़ गए। पानी के तेज़ बहाव ने कुछ ही देर में सड़कें, गाड़ियां, और घर सब निगल लिए। कई घरों में कीचड़ भर गया, पुल टूट गए और संपर्क मार्ग कट गए। एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसी दौरान, देहरादून-हरिद्वार हाईवे, मसूरी-देहरादून मार्ग, और जखन नदी का पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह से प्रभावित है। वहीं, सहस्त्रधारा में बादल फटने की घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि देहरादून के सहस्त्रधारा में देर रात हुई अतिवृष्टि से कुछ दुकानों को नुकसान पहुंचने की दुखद सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।


