ऑनलाइन सर्वे में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनता की ‘पहली पसंद’
टाइम्स ग्रुप ने सोशल मीडिया साइट एक्स और व्हाट्सएप कम्युनिटी में कराया सर्वे,आपदा प्रभावित राज्यों में सीएम धामी ने किया सबसे अच्छा काम,सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जनता का मिला अपार समर्थन
देहरादून। देश के आपदा प्रभावित राज्यों में किस मुख्यमंत्री ने सबसे प्रभावी और संवेदनशील नेतृत्व प्रदान किया। इस सवाल को लेकर टाइम्स ग्रुप द्वारा कराए गए एक ऑनलाइन सर्वे में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जनता की ‘पहली पसंद’ के रूप में चुना गया है। यह सर्वे नवभारत टाइम्स द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और व्हाट्सएप कम्युनिटी पर आयोजित किया गया था, जिसमें चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नाम शामिल किए गए थे। जिनमें पुष्कर सिंह धामी (उत्तराखंड), उमर अब्दुल्ला (जम्मू- कश्मीर), सुखविंदर सिंह सुक्खू (हिमाचल प्रदेश) और भगवंत मान (पंजाब) शामिल थे। सर्वे परिणामों में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने 79% मतों के साथ भारी बढ़त बनाई, जबकि जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला को 20%, हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू और पंजाब के भगवंत मान को महज 1-1% मत ही प्राप्त हुए। यह नतीजे साफ संकेत देते हैं कि आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास कार्यों में मुख्यमंत्री धामी की कार्यशैली को जनता ने पूरी तरह से सराहा और उस पर विश्वास जताया। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में आपदाएं कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन इस बार जिस तरह से मुख्यमंत्री धामी ने आपदा की घड़ी में त्वरित और जमीन से जुड़े फैसले लिए, राहत कार्यों को युद्ध स्तर पर शुरू कराया और प्रभावित इलाकों का लगातार दौरा कर पीड़ितों से सीधा संवाद किया उसने उन्हें बाकी नेताओं से अलग और आगे खड़ा कर दिया। सिर्फ नवभारत टाइम्स का ही नहीं, बल्कि टाइम्स ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर हुए पोल में भी धामी को आपदा काल में सबसे भरोसेमंद मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया। यहां भी हजारों यूजर्स ने उनकी नेतृत्व क्षमता, संवेदनशील दृष्टिकोण, प्रशासनिक सक्रियता और निरंतर उपस्थिति की मुक्तकंठ से सराहना की। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस सर्वे परिणाम ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आपदा जैसी विकट परिस्थितियों में जनता उसी नेता को पसंद करती है, जो न केवल आदेश दे, बल्कि खुद जमीन पर उतर कर काम करे। मुख्यमंत्री धामी का यही जमीनी जुड़ाव और निर्णय लेने की तेज शैली उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है। उनके नेतृत्व में उत्तराखंड ने न केवल राहत एवं पुनर्वास के मामलों में त्वरित प्रगति की, बल्कि स्थानीय प्रशासन और राज्य मशीनरी के बीच तालमेल भी बेहतर हुआ है। सीमांत क्षेत्रें से लेकर दूरस्थ गांवों तक मदद पहुंचाने में जिस गंभीरता और संवेदनशीलता का परिचय मुख्यमंत्री ने दिया, वह देशभर के लिए एक मिसाल बन गया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस सर्वे का असर केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव आगामी राजनीतिक समीकरणों और जनमानस की प्राथमिकताओं में भी देखने को मिलेगा। पुष्कर सिंह धामी को लेकर जनता में जो भरोसा दिखाई दे रहा है, वह सिर्फ आपदा प्रबंधन तक सीमित नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय नेतृत्व के रूप में उभरते चेहरे की झलक देता है।
