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हाईवे पर हादसों के खिलाफ फूटा गुस्सा : समर्थकों सहित धरने पर बैठे ब्लाक प्रमुख और ज्येष्ठ प्रमुख

रामनगर(उद संवाददाता)।राष्ट्रीय राजमार्ग पर पीरूमदारा और टांडा के बीच बने डिवाइडर पर लाइट और रिफ्लेक्टर न होने से यहां हर राहगीर और वाहन चालक की सुरक्षा खतरे में है। रात के अंधेरे में ड्राइवरों को डिवाइडर का पता तक नहीं चलता, जिसके चलते लगातार हादसे हो रहे हैं। शनिवार रात इसी जगह एक बड़ी दुर्घटना में संभल के एसडीएम और उनकी डॉक्टर पत्नी बुरी तरह घायल हो गए। इस घटना ने एक बार फिर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते छह महीनों में पीरूमदारा क्षेत्र में अब तक 24 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। स्थिति से क्षुब्ध स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ठोस कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। सोमवार को ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी और ज्येष्ठ उप प्रमुख संजय नेगी ने समर्थकों के साथ पीरूमदारा हाईवे पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान हाईवे पर सांकेतिक जाम भी लगाया गया। धरने के दौरान ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी ने कहा कि इस मामले की लंबे समय से अनदेखी हो रही है और लगातार हो रहे हादसे आमजन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। उन्होंने कहा हमारी प्राथमिकता यहां आने-जाने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन तुरंत डिवाइडर पर लाइटिंग और सिग्नलिंग की व्यवस्था कराए ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं को रोका जा सके। ज्येष्ठ उप प्रमुख संजय नेगी ने भी चेतावनी दी कि यह धरना केवल प्रतीकात्मक नहीं है बल्कि न्याय की मांग है। उन्होंने कहा कि रात में बिना लाइट के डिवाइडर होने से हादसे दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं और यदि 10 दिनों के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो उग्र आंदोलन के साथ चक्का जाम भी किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने भी इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की अपील की है।

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