भाजपा विधायक बंशीधर भगत के धरने से मची हलचल : पुलिसकर्मी आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहे
हल्द्वानी। उत्तराखंड की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब प्रदेश के दिग्गज भाजपा नेता और कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठ गए। पूर्व कैबिनेट मंत्री, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सात बार के विधायक भगत शनिवार को अपने समर्थकों के साथ हल्द्वानी कोतवाली पहुंचे और वहीं पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए धरने पर बैठ गए। सत्ता में रहते हुए पार्टी के वरिष्ठ विधायक का अपनी ही सरकार की पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरना पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। विधायक बंशीधर भगत ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी क्षेत्र में भाजपा पार्षद के साथ पुलिस ने न केवल बदसलूकी की, बल्कि उसके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया। उनका कहना था कि देर रात पुलिस पार्षद को उसके घर से उठा लाई और अगले दिन तक थाने में बैठाए रखा। विधायक ने इसे न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया बल्कि पुलिस पर मनमानी और पक्षपातपूर्ण रवैये का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद पुलिसकर्मी आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहे हैं, जबकि शहर में नशे का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। भगत का कहना था कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी और कोतवाली का पूरा स्टाफ नहीं बदला जाएगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।इसी बीच भाजपा पार्षद अमित बिष्ट ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले स्ट्रीट लाइट को लेकर विवाद हुआ था, जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी थी। थोड़ी देर बाद कुछ लोगों ने उनके होटल पर पथराव किया और उन पर हमला करने की कोशिश की। उन्होंने किसी तरह बचाव किया, लेकिन इस दौरान बनाई गई वीडियो क्लिप को गलत तरीके से वायरल कर दिया गया। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने उन्हें मारपीट के आरोप में गिरफ्तार कर लिया और थाने में उनके साथ बदसलूकी भी की। पार्षद का कहना था कि उन्होंने कानून व्यवस्था के लिए पुलिस को पहले ही सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हीं को अपराधी की तरह थाने में बैठाए रखा।धरने की जानकारी मिलने पर पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और विधायक को समझाने की कोशिश की। लंबे समय तक बातचीत और आश्वासन के बाद अंततः बंशीधर भगत ने अपना धरना खत्म किया, लेकिन जाते-जाते उन्होंने साफ कहा कि यदि जांच में दोषी पुलिसकर्मी बचाने की कोशिश की गई तो वह फिर से आंदोलन करेंगे।इस पूरे मामले में एसएसपी नैनीताल प्र“लाद नारायण मीणा ने कहा कि पूरी घटना की जांच की जा रही है और जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।उल्लेखनीय है कि बीते कुछ समय से नैनीताल पुलिस लगातार विवादों में घिरी हुई है। हाल ही में जिला पंचायत चुनाव के दौरान हुए बवाल और भाजपा जिला मंत्री विपिन पांडे के मामले में भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। अब विधायक बंशीधर भगत का धरना इन विवादों में एक और कड़ी जोड़ गया है। पुलिस के खिलाफ भाजपा के वरिष्ठ विधायक का इस तरह खुला विरोध न केवल संगठन के भीतर असहजता पैदा कर रहा है, बल्कि सरकार के लिए भी एक गंभीर संदेश माना जा रहा है।
