हरीश रावत ने खेला बड़ा सियासी दांव : कांग्रेस छोड़ बीजेपी मे गए उज्याडू बल्दों और बकरी का भी स्वागत है,सभी क़ो प्रायश्चित करने का हक है !
देहरादून। उत्तराखंड में राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर बढ़ गई है। भाजपा सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी के बयान के बीच पूर्व सीएम हरीश रावत ने कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं को प्रायश्चित करने का अवसर देने का ऐलान कर दिया है। हरक सिंह रावत भाजपा के खिलाफ लगातार हमलावर हो रहे हैं और अब कांग्रेस ने भी आगामी 2027 के विस चुनाव को लेकर लॉबिंग तेज कर दी है। भाजपा सरकार में हो रहे कैबिनेट विस्तार में अगर मंत्रियों की छटनी हुई और कुछ नेताओं को कुर्सी नहीं मिली तो बगावत के सुर उभर सकते हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के सुर्खियों में आने के बाद अब पूर्व सीएम ने सोमवार को अपने फेसबुक पेज पर साझा की गई एक पोस्ट में बड़ा सियासी दांव खेल दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरदा के अनुसार कांग्रेस छोड़ बीजेपी मे गए तमाम बागियो क़ो प्रायश्चित करने का सभी को हक है। ऐसे उज्याडू बल्द को भी जिसे कांग्रेस ने उत्तराखंड से अपनवाया, मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचाया और जिस व्यक्ति ने अपने महान पिता के सामाजिक सद्भाव व धर्मनिरपेक्षता के महानतम सिद्धांतों को चौराहे पर आग लगा दी और कांग्रेस पार्टी की पीठ पर छूरा भौंककर भाजपा की गोद में बैठ गये। धर्म पद के लिए धर्मगुरु की पहचान को तिलांजलि देने वालों को भी प्रायश्चित का हक है। 2016 के दल-बदल और उसके बाद की घटना कांग्रेस, उत्तराखंड व लोकतंत्र पर आघात था। यह भी सत्य है कि यदि यह घटनाक्रम नहीं होता तो 2017 में भी कांग्रेस सत्ता में आती। इसका प्रमाण है, पार्टी को चुनाव में प्राप्त हुये लगभग 35 प्रतिशत मत। इस घटनाक्रम के सम्पूर्ण षड्यंत्र और उसमें सम्मिलित व्यक्तित्वों का सामने आना उत्तराखंड की राजनीति के लिए अति महत्वपूर्ण है। करोड़ों-करोड़ रूपया दल-बदल करवाने के लिए किन हाथों से आया, यह जानना उत्तराखंड की राजनीति की स्वच्छता के लिए आवश्यक है। इस रहस्य को केवल दो व्यक्ति, नायक और सहनायक उद्घाटित कर सकते हैं।हरक सिंह रावत जी ने एक महत्वपूर्ण रहस्य को उजागर कर इस कार्य की छोटी सी शुरुआत की है जिसकी थोड़ी सी पुष्टि श्री यशपाल आर्या जी ने भी की है।नैतिकता की दुहाई देने वाली भाजपा किस प्रकार अवैध धन वसूली से संचालित हो रही है, जगह-जगह विशाल कार्यालय बना रही है उसका रहस्य अब साफ हो गया है। डॉ हरक ने भाजपा के धन इकट्ठा करो पापाचार की हंडिया को चौराहे पर फोड़ दिया है। यह शुरुआत है। देखते हैं और कितने रहस्य डॉ हरक सामने लाते हैं? मैं तो भाजपा का राजनीतिक विरोधी हूं उन्हें सत्ताच्युत देखना चाहता हूं। डॉ हरक ने भाजपा के सर्वनाश का संकल्प लिया है। मैं तो केवल पापी भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए काम कर रहा हूं। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सभी का स्वागत है, यहां तक कि और उज्याडू बल्दों और बकरी का भी स्वागत है, उन्हें भी अपने दल-बदल के पाप का प्रायश्चित करने का हक है। डॉ. हरक अब कांग्रेस के एक नेता हैं।
